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दिसंबर में डिजिटल लेनदेन में बढ़ोतरी जारी रही है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर लेनदेन की संख्या महीने-दर-महीने 8% बढ़कर 16.73 बिलियन के रिकॉर्ड पर पहुंच गई.
यूपीआई लेन-देन वैल्यू में भी नवंबर में 21.55 लाख करोड़ रुपये से 8% बढ़कर 23.25 लाख करोड़ रुपये हो गया. पूरे वर्ष के लिए, यूपीआई ने लगभग 172 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जो 2023 में 118 अरब से 46% की वृद्धि दर्शाता है.
यूपीआई लेन-देन 247 लाख करोड़ रुपये
जैसा कि आंकड़ों से पता चलता है UPI लेन-देन वैल्यू में पिछले साल 35% बढ़कर लगभग 247 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि 2023 में यह 183 लाख करोड़ रुपये था. वार्षिक आधार पर, UPI लेन-देन में मात्रा में 39% की वृद्धि और मूल्य में 28% की वृद्धि देखी गई.
आंकड़ों से यह भी पता चला कि दिसंबर में तत्काल भुगतान सेवा लेन-देन 8% बढ़कर 441 मिलियन हो गया, जबकि नवंबर में यह 408 मिलियन और अक्टूबर में 467 मिलियन था. मूल्य के संदर्भ में, यह 6.02 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में 5.58 लाख करोड़ रुपये और अक्टूबर में 6.29 लाख करोड़ रुपये से 8% अधिक था.
दिसंबर में FASTag लेन-देन की मात्रा में 6% की वृद्धि हुई और यह 382 मिलियन हो गया, जबकि नवंबर में यह 359 मिलियन और अक्टूबर में 345 मिलियन था. मूल्य भी 9% बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नवंबर में यह 6,070 करोड़ रुपये और अक्टूबर में 6,115 करोड़ रुपये था.
बजट 2026 को सर्वसमावेशी बताते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह बजट भारत को ऑरेंज इकॉनमी का वैश्विक नेतृत्व देगा. क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग सुधार और शिक्षा के जरिए रोजगार व विकास को नई दिशा मिलेगी.