वर्ष 2025 में भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश एक नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया. इस दौरान कुल निवेश 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले साल की तुलना में करीब 29% अधिक है. मंगलवार को जारी कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेश में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और यह दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया, जिससे कुल निवेश में इसकी हिस्सेदारी 57% रही. वहीं, विदेशी निवेश में गिरावट दर्ज की गई और यह 16% घटकर 3.7 अरब डॉलर पर आ गया.
अंतिम तिमाही में रिकॉर्ड 4.2 अरब डॉलर निवेश
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही में बाहरी देशों से निवेश बढ़ने के संकेत मिले, जो वैश्विक निवेशकों के विश्वास में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम तिमाही में निवेश 4.2 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो किसी एक तिमाही में अब तक का सबसे अधिक निवेश है. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह रिकॉर्ड स्तर का निवेश ऐसे समय में सामने आया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी गतिविधियां भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं.
REIT गतिविधियों ने बढ़ाया निवेश भरोसा
Colliers India के राष्ट्रीय निदेशक और अनुसंधान प्रमुख Vimal Nadar ने कहा कि इस तेजी के साथ वर्ष 2025 में कार्यालय क्षेत्र पर केंद्रित चौथे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) की सूचीबद्धता भी हुई. इसके अलावा, मौजूदा REITs ने कई अहम अधिग्रहण किए, जिनमें उच्च गुणवत्ता वाले किरायेदार, अधिक भरी हुई संपत्तियां और किराये में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली. विमल नादर ने आगे अनुमान जताया कि आने वाले कुछ वर्षों में विदेशी निवेश में तेजी के चलते इस क्षेत्र में संस्थागत ढांचा और मजबूत होगा.
ऑफिस सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश
उन्होंने कहा कि देश में मौजूद करीब 37 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस को भविष्य में आरईआईटी के तहत शामिल किया जा सकता है. वर्ष 2025 में ऑफिस सेक्टर में सबसे अधिक निवेश हुआ. इस क्षेत्र में लगभग 4.5 अरब डॉलर का निवेश किया गया, जो कुल निवेश का 54 प्रतिशत है, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग दोगुना है. वर्ष 2025 में Bengaluru और Mumbai ने मिलकर करीब 4 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो रियल एस्टेट सेक्टर में हुए कुल निवेश का लगभग 50 प्रतिशत है. इन दोनों महानगरों में निवेश का बड़ा हिस्सा कार्यालय परिसंपत्तियों में केंद्रित रहा.
गौर करने वाली बात यह है कि देश के सात प्रमुख शहरों में से पांच शहरों में वर्ष 2025 के दौरान पिछले साल की तुलना में अधिक निवेश दर्ज किया गया. इससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में समग्र रूप से मजबूती का रुझान बना हुआ है.

