Real Estate News: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत रियल एस्टेट निवेश के लिए एक प्रमुख और आकर्षक बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है. कॉलियर्स की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत ने इस क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट निवेश के मामले में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है.
एशिया-प्रशांत में 162 अरब डॉलर का निवेश
रिपोर्ट के अनुसार 2025 के दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में कुल रियल एस्टेट निवेश 162 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है. साल के दूसरे हिस्से में निवेश गतिविधियों में तेज़ी देखने को मिली, क्योंकि खरीदार और विक्रेता कीमतों को लेकर एक-दूसरे के करीब आए.
सिंगापुर और भारत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर और भारत में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई. सिंगापुर में रियल एस्टेट निवेश 35 प्रतिशत बढ़ा, जबकि भारत में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
कॉलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बादल याग्निक ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों में घरेलू पूंजी निवेश गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है, वहीं भारत में विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी काफी मजबूत रही, जिसमें 8.5 अरब डॉलर के निवेश में से करीब 43 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का रहा.
ऑफिस प्रॉपर्टी में सबसे ज्यादा निवेश
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑफिस प्रॉपर्टी में निवेश सबसे अधिक रहा. इसकी वजह उच्च गुणवत्ता वाले और बेहतर लोकेशन वाले ऑफिस स्पेस की लगातार मांग और प्रमुख केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्रों में सीमित नई आपूर्ति रही.
रिटेल और वैकल्पिक सेक्टर में भी बढ़ा निवेश
रिपोर्ट के अनुसार रिटेल सेक्टर में भी निवेश तेज हुआ और यह सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत बढ़ा. बेहतर एसेट प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है. इसके अलावा वैकल्पिक एसेट क्लास सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बनकर सामने आया, जहां संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग देखने को मिली.
2026 में भी मजबूत रह सकता है निवेश
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश मजबूत बना रह सकता है. इसकी मुख्य वजह देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की लगातार मांग है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं का असर भी निवेश के रुझान पर पड़ सकता है.
कॉलियर्स इंडिया के रिसर्च के नेशनल डायरेक्टर विमल नाडार ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों, खासकर भारत में, संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद ऑफिस सेक्टर ही बना हुआ है. उन्होंने बताया कि 2025 में नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में से पांच में रियल एस्टेट निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर का रहा. भारत में ही साल 2025 के दौरान ऑफिस प्रॉपर्टी में करीब 4.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल संस्थागत निवेश का आधे से अधिक हिस्सा है.
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