देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने शनिवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 21,028.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. एक साल पहले इसी तिमाही में एसबीआई का मुनाफा 16,891.44 करोड़ रुपये रहा था.
पिछली तिमाही से भी बेहतर प्रदर्शन
इससे पिछली तिमाही यानी वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में बैंक को 20,159.67 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. वहीं, वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एसबीआई की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 41,446 करोड़ रुपये था.
परिचालन मुनाफे में 39.5% की उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एसबीआई का परिचालन से मुनाफा सालाना आधार पर 39.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी के साथ 32,862.39 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. एक साल पहले इसी तिमाही में यह 23,550.81 करोड़ रुपये था. वहीं, पिछली तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ 27,310.92 करोड़ रुपये रहा था.
एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा. दिसंबर तिमाही में ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) घटकर 1.57 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 2.07 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 1.73 प्रतिशत था. वहीं, नेट एनपीए भी घटकर 0.39 प्रतिशत पर आ गया, जो एक साल पहले 0.53 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 0.42 प्रतिशत था. ये आंकड़े बैंक की संपत्ति गुणवत्ता में लगातार सुधार को दर्शाते हैं.
कैपिटल एडिक्वेसी और प्रोविजनिंग की स्थिति
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एसबीआई का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो सालाना आधार पर बढ़कर 14.04 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 13.03 प्रतिशत था. वहीं, इसी तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग बढ़कर 4,506.92 करोड़ रुपये रही. यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 911.06 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है. हालांकि, यह राशि सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में किए गए 5,400.12 करोड़ रुपये के प्रावधान से कम रही.

