Sensex opening Bell : पिछले दो सत्रों की बढ़त के बाद बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क लाल निशान में खुले. निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए रहे, जबकि वैश्विक संकेत भी मिश्रित रहे. कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 462.44 अंक (0.63 प्रतिशत) गिरकर 72,605.37 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 175.65 अंक (0.77 प्रतिशत) टूटकर 22,600 के स्तर पर आ गया.
दिन की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 72,965.38 और निफ्टी 22,690.45 पर खुला था, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार और दबाव में आ गया. व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.45 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में रही, जो 1.55 प्रतिशत तक गिर गया. इसके बाद निफ्टी मेटल में 1.34 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
इन शेयरों में दिखी बढ़त
इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक 0.94 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.82 प्रतिशत, तथा रियल्टी और एफएमसीजी सूचकांक करीब 0.7 प्रतिशत तक कमजोर रहे. दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई दी. निफ्टी फार्मा में 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी 500 हेल्थकेयर भी सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार करता दिखा. निफ्टी मीडिया में लगभग 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. बाजार प्रतिभागियों की नजर केवल आरबीआई की नीति समीक्षा पर ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियों, रुपए की चाल और आरबीआई के विकास एवं महंगाई आकलन पर भी बनी हुई है.
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह के निचले स्तरों से निफ्टी में करीब 558 अंकों की रिकवरी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई थी. हालांकि इस तेजी को आगे बढ़ाने में कई चुनौतियां मौजूद हैं. ब्रेंट क्रूड फिर से 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं दिख रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू तरलता और दूसरी तिमाही (क्यू2) के संभावित मजबूत नतीजे फिलहाल बाजार को समर्थन दे रहे हैं. लेकिन आज बाजार का मुख्य फोकस आरबीआई के नीतिगत रुख और गवर्नर संजय मल्होत्रा के संदेश पर रहेगा.

