Share Market Today: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स 181 अंक फिसला; टेक शेयरों में बिकवाली से बढ़ा दबाव

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई. वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और टेक शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए. अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर भी देखने को मिला.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 181 अंक की गिरावट के साथ 76,912.68 पर कारोबार कर रहा है. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 47.60 अंक टूटकर 24,055.30 के स्तर पर पहुंच गया.

क्यों दबाव में है शेयर बाजार?

भारतीय बाजार में आज की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी टेक शेयरों में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है. सोमवार को वॉल स्ट्रीट में गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet के शेयर करीब 5% टूट गए, जबकि एलन मस्क की कंपनी SpaceX में 16.4% तक की गिरावट दर्ज की गई. इसका असर भारतीय आईटी सेक्टर पर भी देखने को मिला.

आज शुरुआती कारोबार में TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में 1 से 2% तक की गिरावट देखी जा रही है. निवेशकों ने टेक सेक्टर में सतर्क रुख अपनाया है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है.

मजबूत डॉलर भी बना चिंता की वजह

अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी उभरते बाजारों की चिंता बढ़ा दी है. डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले 13 महीनों का उच्चतम स्तर माना जा रहा है. इसके साथ ही अमेरिका की 2 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड भी 16 महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंच गई है. आमतौर पर जब डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होते हैं तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं. इसी आशंका के चलते भारतीय बाजार में भी निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है.

फेडरल रिजर्व की नीति पर टिकी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए गए हैं. महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सितंबर तक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. इससे वैश्विक निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और जोखिम वाले निवेशों में दबाव बढ़ा है.

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

एशियाई शेयर बाजारों में भी आज मिश्रित रुख देखने को मिला. अमेरिकी टेक सेक्टर में कमजोरी और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.9% गिरकर 71,681.29 पर कारोबार कर रहा है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा 2.8% की गिरावट के साथ 8,863.52 के स्तर पर पहुंच गया है.

सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे बड़े टेक शेयरों में कमजोरी इसका प्रमुख कारण रही. हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 0.4% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. हालांकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.1% की मामूली बढ़त के साथ 8,822.10 पर बना हुआ है.

अमेरिकी बाजार में कैसा रहा कारोबार?

22 जून के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. टेक और एआई शेयरों में बिकवाली के दबाव के चलते नैस्डेक इंडेक्स 1.32% की गिरावट के साथ 26,166.60 पर बंद हुआ. वहीं इंडस्ट्रियल और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में मजबूती के कारण डाऊ जोन्स इंडेक्स 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद होने में सफल रहा. इस दौरान S&P 500 इंडेक्स 0.37% गिरकर 7,472.79 के स्तर पर आ गया.

कच्चे तेल में रिकवरी

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों के चलते सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी. हालांकि मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में मामूली रिकवरी देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रूड 0.38% बढ़कर 78.15 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.46% की बढ़त के साथ 74.19 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है.

रुपये पर भी दबाव

डॉलर की मजबूती का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दे रहा है. मौजूदा समय में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 94.69 रुपये के आसपास है. सोमवार को विदेशी बाजारों में डॉलर मजबूत होने के कारण भारतीय रुपया 34 पैसे टूटकर 94.67 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी हुई है, जो आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

यह भी पढ़े: SpaceX Share Crash: स्पेसएक्स के शेयरों में भारी गिरावट, तीन दिनों में 600 अरब डॉलर का नुकसान; एलन मस्क की संपत्ति को भी झटका

More Articles Like This

Exit mobile version