Stock Market Outlook: टैरिफ फैसलों, GDP आंकड़ों और F&O एक्सपायरी से अगले हफ्ते बाजार में बढ़ेगी हलचल

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Stock Market Outlook: अगले सप्ताह निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी, विशेष रूप से अमेरिका में टैरिफ से जुड़े संभावित फैसलों पर. वहीं घरेलू मोर्चे पर जीडीपी के ताजा आंकड़े और मासिक एफएंडओ (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) एक्सपायरी भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. पिछले कारोबारी सत्र में 1% से अधिक गिरावट झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत वापसी की. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 317 अंक यानी 0.38% बढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 116.90 अंक (0.46%) चढ़कर 25,571.25 के स्तर पर पहुंच गया.

निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर

एक विश्लेषक के अनुसार, स्तर के हिसाब से 25,800 निफ्टी के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस है. इसके बाद 26,000 और 26,200 के स्तर अहम रहेंगे. वहीं नीचे की ओर 25,300 और 25,100 मजबूत सपोर्ट स्तर हैं. यदि निफ्टी 25,000 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो गिरावट का दबाव बढ़ सकता है और बाजार में कमजोरी देखने को मिल सकती है. बाजार में समग्र प्रदर्शन मिला-जुला रहा. बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.44% चढ़ा, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19% गिर गया.

वैश्विक व्यापार घटनाक्रम फोकस में

आगे के दिनों में वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम बाजार के केंद्र में रहेंगे. निवेशक विशेष रूप से अमेरिका में टैरिफ संबंधी फैसलों के संभावित प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, खासकर ऐसे किसी नीति बदलाव या कानूनी व्याख्या का, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर सकता है. इस क्षेत्र में होने वाला कोई भी बड़ा घटनाक्रम वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी असर डाल सकता है. वहीं घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेगी. बाजार सहभागियों को नई श्रृंखला के तहत आगामी तिमाही जीडीपी अनुमान का इंतजार है, जिसे 27 फरवरी को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय जारी करेगा.

GDP और आर्थिक संकेतकों का प्रभाव

जीडीपी आंकड़ों के अलावा निवेशक सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और साल-दर-साल आधार पर बुनियादी ढांचा उत्पादन के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की सेहत के बारे में संकेत मिलेंगे. मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि 24 फरवरी को होने वाली फरवरी एफएंडओ एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन समायोजित करेंगे, जिससे अस्थिरता बनी रह सकती है.

विदेशी निवेशकों की वापसी के संकेत

इस बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में सुधार के संकेत दिखाई दिए हैं. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी तक पिछले 16 कारोबारी सत्रों में से 9 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध खरीदार रहे. इस अवधि में एक्सचेंजों के माध्यम से एफपीआई का निवेश 14,177.66 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्राथमिक बाजार में अतिरिक्त 2,733.89 करोड़ रुपये लगाए गए. इस प्रकार फरवरी महीने में अब तक कुल विदेशी निवेश 16,911.55 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार से जुड़ी चिंताओं, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, हालांकि इस दौरान अलग-अलग शेयरों में खास गतिविधि जारी रहने की संभावना जताई जा रही है.

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