भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में दमदार वापसी करते हुए जोरदार तेजी के साथ दिन का अंत किया. पूरे दिन बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा और अंत में बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुआ. दिन के अंत में BSE Sensex 787.30 अंक यानी 1.07% की बढ़त के साथ 74,106.85 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 255.15 अंक यानी 1.12% की तेजी के साथ 22,968.25 पर पहुंच गया. यह तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन घरेलू कारकों ने बाजार को मजबूती देने का काम किया.
सेक्टोरल इंडेक्स में चौतरफा तेजी
सोमवार को बाजार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली, जिससे यह साफ संकेत मिला कि तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक रूप से पूरे बाजार में फैली हुई थी.
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.60 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे आगे रहा. इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 2.34 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.33 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.23 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.16 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए.
हालांकि, बाजार के इस सकारात्मक रुख के बीच निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.37 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जो यह दिखाता है कि कुछ सेक्टरों में दबाव अभी भी बना हुआ है.
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दिखा दम
इस तेजी में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 815.60 अंक यानी 1.52% की बढ़त के साथ 54,492.65 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 202.55 अंक यानी 1.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,853.05 पर पहुंच गया. इससे यह साफ होता है कि निवेशकों का भरोसा बाजार के सभी वर्गों में मजबूत बना हुआ है और खरीदारी व्यापक स्तर पर हुई है.
इन दिग्गज शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में कई दिग्गज कंपनियों ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई. ट्रेंट, एक्सिस बैंक, टाइटन, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बीईएल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, टीसीएस और एचयूएल जैसे शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई. वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक और सन फार्मा जैसे कुछ शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन इनकी कमजोरी बाजार की कुल तेजी को प्रभावित नहीं कर पाई.
रुपये में मजबूती से मिला बाजार को सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में आई इस तेजी के पीछे रुपये की मजबूती एक अहम वजह रही. एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, “आरबीआई द्वारा सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने और डॉलर की आपूर्ति में सुधार के लिए उठाए गए कदमों से रुपये में करीब 30 पैसे की मजबूती आई है और यह 93.00 के आसपास बना हुआ है.”
उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदों से जोखिम लेने की भावना में सुधार हुआ है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला है. हालांकि अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है.”
वैश्विक संकेत और तेल कीमतों का असर
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. अगर तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर महंगाई और बाजार दोनों पर पड़ सकता है. इसलिए निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है.
रुपये के लिए अहम स्तर
विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट भविष्य में डॉलर के मुकाबले रुपये के लिए 92.45 का स्तर सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है. वहीं 93.75 से 94.00 के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है. यह स्तर आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
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