तमिलनाडु में 5 मई से महंगे होंगे हॉस्टल-पीजी, किराया 10% तक बढ़ेगा

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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तमिलनाडु में हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (PG) में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को आने वाले दिनों में ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. राज्य में हॉस्टल और PG संचालकों ने किराए में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है, जो 5 मई से लागू होगा. इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और खाना बनाने की लागत में आई तेजी है. पिछले कुछ महीनों में बढ़ी महंगाई ने हॉस्टल संचालन को काफी महंगा बना दिया है, जिसके कारण अब संचालकों को किराया बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है.

नए किराए की दरें

नए किराए के अनुसार बिना एसी वाले कमरों की दरों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. चार लोगों के कमरे का किराया लगभग 6,500 से 7,500 रुपये के बीच रहने की संभावना है. वहीं तीन लोगों के कमरे के लिए 7,000 से 8,000 रुपये तक और दो लोगों के कमरे के लिए 8,000 से 9,000 रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है. हालांकि, असल किराया स्थान, उपलब्ध सुविधाओं और मांग के आधार पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन हर श्रेणी में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है.

गैस कीमतों ने बढ़ाई मुश्किल

किराया बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा कारण 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में आई तेज बढ़ोतरी है. पिछले कुछ महीनों में गैस की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है, जिससे हॉस्टल और PG संचालकों की लागत पर सीधा असर पड़ा है. हॉस्टलों में रोजाना बड़ी मात्रा में खाना तैयार किया जाता है और इसके लिए गैस की खपत काफी ज्यादा होती है. ऐसे में गैस महंगी होने से रसोई का खर्च तेजी से बढ़ गया है. कई जगहों पर गैस की कमी की भी स्थिति बनी, जिसके चलते संचालकों को बाजार से ऊंचे दाम पर सिलेंडर खरीदने पड़े.

खाने की व्यवस्था पर असर

बढ़ती लागत का असर हॉस्टलों की खाने की व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है. कई संचालक खर्च कम करने के लिए खाने का मेन्यू सीमित करने की तैयारी में हैं और ऐसे व्यंजन हटाए जा रहे हैं जिनमें ज्यादा गैस की जरूरत होती है. कुछ हॉस्टलों में खाने की सुविधा को आंशिक रूप से कम किया जा सकता है. खर्च को नियंत्रित करने के लिए कुछ जगहों पर लकड़ी जैसे विकल्पों के इस्तेमाल पर भी विचार किया गया है, लेकिन उनके दाम बढ़ने के कारण यह विकल्प भी ज्यादा प्रभावी नहीं माना जा रहा.

लाखों लोग होंगे प्रभावित

अनुमान के अनुसार तमिलनाडु में 20,000 से ज्यादा हॉस्टल संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब 20 लाख लोग रहते हैं. इनमें सबसे ज्यादा संख्या चेन्नई जैसे बड़े शहरों में है. ऐसे में किराया बढ़ने का असर सीधे लाखों छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई का सामना कर रहे हैं.

बढ़ेगा आर्थिक दबाव

किराया बढ़ने के बाद रहने वालों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है. कई लोगों को अब हॉस्टल के खाने पर निर्भर रहने के बजाय बाहर का खाना लेना पड़ सकता है या पैकेट फूड का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे उनका कुल खर्च और बढ़ जाएगा. इसके अलावा, कुछ जगहों पर मेंटेनेंस चार्ज में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे रहने का कुल खर्च पहले के मुकाबले ज्यादा हो सकता है.

आगे और महंगा हो सकता है रहना

अगर गैस और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में हॉस्टल और PG में रहना और महंगा हो सकता है. इससे शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए किफायती आवास एक बड़ी चुनौती बन सकता है.

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