Kenya: केन्या में भारतीय कारोबारी समूह टाटा को बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रपति विलियम रूटो ने टाटा केमिकल्स मगादी लिमिटेड को अपना कामकाज बंद करने और देश से बाहर निकलने का आदेश दिया है. यह आदेश 3 सितंबर 2026 को आया. राष्ट्रपति ने कंपनी पर आरोप लगाया कि दशकों तक केन्या में कारोबार करने के बावजूद उसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को अपेक्षित फायदा नहीं पहुंचाया. टाटा केमिकल्स मगादी केन्या में सोडा ऐश के उत्पादन का बड़ा नाम है. उधर, केन्या सरकार के आरोपों पर टाटा केमिकल्स मगादी ने अपना पक्ष भी रखा है.
सभी लागू नियमों का पालन कर रही है कंपनी
कंपनी का कहना है कि वह सभी लागू नियमों का पालन कर रही है. उसने 28 जुलाई को खनन मंत्रालय की ओर से उठाई गई आपत्तियों का जवाब भी दिया है. कंपनी के मुताबिक उसने 11 अगस्त 2026 को मंत्रालय को जरूरी जानकारी, रिपोर्ट और दस्तावेज सौंप दिए थे. टाटा केमिकल्स मगादी ने कहा कि वह रेग्युलेशन संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह इस विवाद को कानूनी और रचनात्मक तरीके से सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखना चाहती है.
500 कर्मचारियों और ठेकेदारों का हित भी बड़ा मुद्दा
कंपनी के सामने अपने करीब 500 स्थानीय कर्मचारियों और ठेकेदारों का हित भी बड़ा मुद्दा है. कंपनी यहां से सोडा ऐश निकालकर उसका निर्यात करती है. लेकिन राष्ट्रपति रूटो की आपत्ति इसी मॉडल को लेकर है. उनका कहना है कि केन्या सिर्फ कच्चा माल निकालकर बाहर भेजने की जगह स्थानीय स्तर पर उसका इस्तेमाल और उससे जुड़े उद्योग विकसित करना चाहता है. राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कंपनी पर सबसे बड़ा आरोप यही लगाया है कि वह केन्या से सोडा ऐश निकालकर बाहर भेज रही है. लेकिन उसके बाद होने वाली चीजों का उत्पादन केन्या में नहीं कर रही.
बड़े कारखाने नहीं लगाए गए
रूटो का कहना है कि कंपनी के पास लंबे समय से खनन अधिकार हैं. इसके बावजूद काजियाडो काउंटी में कांच या रसायन बनाने वाले बड़े कारखाने नहीं लगाए गए. केन्या सरकार अब इस व्यवस्था को बदलना चाहती है. उसकी योजना दो नई कंपनियों को लाने की है. ये कंपनियां स्थानीय स्तर पर कांच और रसायन बनाने की इकाइयां लगाएंगी. सरकार का तर्क है कि इससे केन्या में रोजगार बढ़ेगा. स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. और देश को अपने प्राकृतिक संसाधनों का ज्यादा आर्थिक फायदा मिलेगा.
टाटा केमिकल्स मगादी पर कार्रवाई शुरू
राष्ट्रपति के आदेश से पहले ही टाटा केमिकल्स मगादी पर कार्रवाई शुरू हो चुकी थी. 28 जुलाई को केन्या के खनन मंत्रालय ने कंपनी के खनन और सोडा ऐश के निर्यात पर रोक लगा दी थी. इसके पीछे कई नियमों के कथित उल्लंघन का हवाला दिया गया. सरकार ने रॉयल्टी भुगतान से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए. कुछ भुगतान का हिसाब स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई.
आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल
इसके अलावा निर्यात के आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल उठे. पर्यावरण संबंधी नियमों की भी अनदेखी के आरोप लगाए गए. स्थानीय समुदायों से जुड़े विकास समझौतों और स्थानीय स्तर पर खरीदारी को लेकर भी कंपनी पर सवाल उठे.
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