UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड! मई 2026 में 23.20 अरब ट्रांजैक्शन, डिजिटल भुगतान में 24% की शानदार बढ़ोतरी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UPI Transaction Record: भारत में डिजिटल भुगतान का विस्तार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक बार फिर अपनी मजबूती साबित करते हुए मई 2026 में रिकॉर्ड स्तर के ट्रांजैक्शन दर्ज किए हैं. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के दौरान UPI के माध्यम से कुल 23.20 अरब ट्रांजैक्शन किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक हैं. यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में डिजिटल भुगतान को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और UPI आज करोड़ों भारतीयों की दैनिक जरूरत का अहम हिस्सा बन चुका है.

मई में 29.90 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेनदेन

NPCI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए आंकड़ों में बताया कि मई 2026 के दौरान UPI के जरिए कुल 29.90 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए. यह राशि पिछले साल की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है. यह वृद्धि केवल ट्रांजैक्शन की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि लेनदेन की कुल रकम में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे स्पष्ट होता है कि अब छोटे भुगतान के साथ-साथ बड़े वित्तीय लेनदेन भी तेजी से डिजिटल माध्यमों के जरिए किए जा रहे हैं.

हर दिन हुए 748 मिलियन ट्रांजैक्शन

जारी आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में प्रतिदिन औसतन 748 मिलियन यानी लगभग 74.8 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. वहीं रोजाना औसतन 96,465 करोड़ रुपये का भुगतान UPI प्लेटफॉर्म के जरिए किया गया. यह आंकड़ा बताता है कि UPI अब केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण भुगतान तंत्र बन चुका है.

अप्रैल के मुकाबले भी बढ़े आंकड़े

अप्रैल 2026 में UPI के जरिए 22.35 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए थे, जबकि मई में यह संख्या बढ़कर 23.20 अरब हो गई. इसी तरह अप्रैल में कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू 29.03 लाख करोड़ रुपये थी, जो मई में बढ़कर 29.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 745 मिलियन ट्रांजैक्शन और 96,766 करोड़ रुपये का दैनिक लेनदेन दर्ज किया गया था. मई में ट्रांजैक्शन संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि दैनिक लेनदेन राशि लगभग समान स्तर पर बनी रही.

लगातार तीसरे महीने दिखी मजबूत बढ़त

मार्च 2026 में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 22.64 अरब रही थी और कुल लेनदेन मूल्य 29.53 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. इसके बाद अप्रैल और मई दोनों महीनों में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में लगातार वृद्धि देखने को मिली. यह ट्रेंड इस बात का संकेत है कि भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है और अधिक से अधिक लोग नकद भुगतान की बजाय डिजिटल विकल्पों को अपना रहे हैं.

डिजिटल इंडिया की ताकत बन चुका है UPI

UPI की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि भारत तेजी से कैशलेस और डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. आसान, सुरक्षित और तत्काल भुगतान सुविधा के कारण UPI आज छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स, ऑनलाइन व्यापारियों, बड़े कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की पहली पसंद बन चुका है. मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग और डिजिटल भुगतान की आसान उपलब्धता ने UPI को देश का सबसे लोकप्रिय भुगतान प्लेटफॉर्म बना दिया है.

नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा भारत

मई 2026 के आंकड़े यह साबित करते हैं कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. ट्रांजैक्शन की संख्या और कुल लेनदेन राशि दोनों में हुई बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में UPI का दायरा और भी तेजी से बढ़ सकता है. डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देने में UPI की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण का सबसे बड़ा आधार बनकर उभर रहा है.

यह भी पढ़े: UPI New Rule: QR कोड स्कैन करते ही दिखेगा खाताधारक का असली नाम, 1 जून से लागू हुआ नया नियम

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