भारत का UPI अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. दक्षिण अफ्रीका ने इसे कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में एक आदर्श मॉडल बताया है और अपने डिजिटल भुगतान सिस्टम के विकास में इससे प्रेरणा लेने की बात कही है.
मई 2026 में UPI के जरिए 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. NPCI के अनुसार कुल 29.90 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है.
1 जून से UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव लागू हो गया है. अब QR कोड स्कैन करने पर भुगतान से पहले खाताधारक का असली बैंक-रजिस्टर्ड नाम दिखाई देगा, जिससे फ्रॉड और गलत ट्रांसफर की संभावना कम होगी.
1 जून से UPI, PAN कार्ड, ATM ट्रांजैक्शन, बैंकिंग सेवाओं और LPG सिलेंडर से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं. जानिए कौन-कौन से बदलाव आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे.
BHIM App CIBIL Score Check: डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब सिर्फ पैसे भेजने और रिसीव करने तक सीमित रहने वाला BHIM ऐप यूजर्स के लिए और ज्यादा उपयोगी बनने जा रहा...
भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान लेनदेन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है. FY26 में 218 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.
सरकारी पेमेंट ऐप BHIM पर 2025 में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है. मासिक लेनदेन 300% बढ़े और दिसंबर 2025 में ट्रांजैक्शन की संख्या 165 मिलियन तक पहुंच गई.