कहा जाता है कि शराब की लत इंसान को अंदर से खोखला कर देती है और कई बार पूरे परिवार को भी तबाही के कगार पर पहुंचा देती है. महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. यहां एक सगे बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की हत्या कर दी. इस सनसनीखेज वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन माता-पिता पर बच्चों को सही राह दिखाने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने भी छोटे बेटे की लाश ठिकाने लगाने में बड़े बेटे का साथ दिया.
क्या था विवाद ?
यह पूरी वारदात बल्लारपुर तहसील के विसापुर गांव की है. जानकारी के अनुसार, परिवार को हाल ही में एक पुश्तैनी मकान बेचने के बदले करीब 7 लाख रुपये मिले थे. मृतक 25 वर्षीय गणेश विश्वनाथ भोयर शराब की लत से जूझ रहा था. वह बार-बार उन पैसों में से अपना हिस्सा मांगता था, ताकि अपनी आदत पूरी कर सके. परिवार को आशंका थी कि यदि गणेश को रकम दी गई, तो वह उसे नशे में बर्बाद कर देगा.
8 जनवरी की रात करीब पौने दस बजे इसी मुद्दे को लेकर घर में फिर विवाद शुरू हो गया. गणेश पैसों की जिद पर अड़ा रहा और देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई. इसी दौरान बड़े भाई गुरुदास (27) ने आपा खो दिया. गुस्से में उसने घर में रखे एक भारी लोहे के औजार से गणेश के सिर पर जोरदार वार कर दिया. वार इतना गंभीर था कि गणेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
“एक बेटा तो गया, कम से कम दूसरा तो बचे”
घर में सन्नाटा पसर गया, लेकिन इसके बाद जो हुआ वह और भी डरावना था. छोटे बेटे की मौत के बाद 71 वर्षीय पिता विश्वनाथ और 55 वर्षीय मां कौशल्या ने पुलिस के पास जाने के बजाय इस अपराध को छिपाने का फैसला किया. उन्होंने सोचा कि छोटा बेटा तो मर ही चुका है, अगर पुलिस को बताया तो बड़ा बेटा भी जेल चला जाएगा और बुढ़ापे में उनका कोई सहारा नहीं बचेगा. इसी सोच के तहत तीनों ने मिलकर हत्या को ‘हादसा’ बनाने की साजिश रची.
आधी रात को घसीटी लाश
रात के करीब 12 बज रहे थे. तीनों ने गणेश के पैरों को रस्सी से बांधा और उसे घर से दूर गोंदिया-बल्लारपुर रेलवे लाइन तक घसीटते हुए ले गए. उनकी योजना शव को पटरी पर रखने की थी ताकि सुबह यह एक ट्रेन दुर्घटना जैसा लगे. लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया. उसी दौरान रेलवे की पेट्रोलिंग टीम वहां से गुजर रही थी. एक कर्मचारी ने टॉर्च की रोशनी में संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत रेलवे पुलिस को इसकी सूचना दे दी. इससे पहले कि आरोपी कुछ समझ पाते, पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पूरा मामला उजागर हो गया.
डॉग स्क्वॉड ने पकड़ी चालाकी
सुबह जब पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीम आरोपियों के घर पहुंची, तो देखा कि घर को बहुत बारीकी से धोया गया था ताकि खून के निशान मिटाए जा सकें. लेकिन पुलिस की सूझबूझ के आगे उनकी ये कोशिशें नाकाम रहीं. बल्लारपुर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर विपिन इंगले ने बताया कि पुलिस ने बड़े भाई गुरुदास, पिता विश्वनाथ और मां कौशल्या को गिरफ्तार कर लिया है. इन सभी पर हत्या (धारा 103) और सबूत मिटाने (धारा 201) जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.