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पिंपरी-चिंचवड पुलिस द्वारा जारी 2025 के अपराध आंकड़ों में अवैध हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी, साइबर अपराधों में गिरफ्तारियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी और बलात्कार के मामलों में इजाफा दर्ज किया गया है. पिंपरी-चिंचवड पुलिस द्वारा जारी 2025 के अपराध आंकड़ों में अवैध हथियारों की अब तक की सबसे अधिक जब्ती, साइबर अपराधों में गिरफ्तारियों में उल्लेखनीय वृद्धि और बलात्कार के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है. पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे ने बताया कि टार्गेटेड एनफोर्समेंट के कारण अपराधों की डिटेक्शन दर (मामले सुलझाने की दर) में भी सुधार हुआ है.
मीडिया को संबोधित करते हुए चौबे ने पिंपरी-चिंचवड पुलिस कमिश्नरेट के 2025 के अपराध आंकड़े साझा किए, जिनकी तुलना 2024 से की गई. उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास और विभिन्न सुधारात्मक कदमों की भी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि पिंपरी-चिंचवड में अवैध हथियारों की जब्ती पिछले 6 सालों में लगातार बढ़ी है. अगर साल 2024 से तुलना करें तो 2024 में जब्त अवैध हथियारों की संख्या 196 थी. जबकि 2025 में 243 अवैध हथियार जब्त हुए हैं. पुलिस के द्वारा अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के कारण हथियारों से जुड़े अपराधों में कमी आई है.
रेप और छेड़छाड़ मामलों का ये है हाल
पुणे के पास मौजूद पिंपरी-चिंचवड शहर में छेड़छाड़ के मामलों में मामूली बढ़ोतरी हुई है. 2024 में जहां 387 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में ये मामले 392 हो गए हैं. वहीं रेप के मामलों में 2024 के मुकाबले 2025 में 40 मामलों की बढ़ोतरी हुई है. साल 2024 में जहा रेप की संख्या 261 थे वहीं 2025 में यह बढ़कर 301 हो गया.
95 फीसदी मामलों में आरोपी पीड़िता का जानकार
रेप के कुल मामलों में से लगभग 95 प्रतिशत आरोपी पीड़िता के परिचित थे. वहीं 120 मामलों में शादी का झूठा वादा किया गया था. इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा सोशल मीडिया से संबंधित रहा. जहां रेप के 40 मामलों में सोशल मीडिया के जरिये संपर्क कर रेप किया गया. वहीं 2 मामलों में आरोपी पूरी तरह अज्ञात थे.
साइबर अपराध मामले में बेहतर काम
साइबर अपराध के मामले में पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने बेहतर परिणाम दिये. साल 2024 में साइबर अपराध में जहां 82 गिरफ्तारियां हुई थीं. वहीं 2025 में यह 75 प्रतिशत बढ़कर 144 तक पहुंच गईं. वहीं रकम रिकवरी के मामले में भी पुलिस ने बेहतर परिणाम दिये. साल 2024 में जहां पुलिस ने 3.67 करोड़ रुपये रिकवर किये थे. वहीं 2025 में यह 18.5 करोड़ रुपये हो गए.