अमेरिका ने प्रतिबंधों में फिर से बढ़ाई छूट, रूस से अब और तेल खरीद पाएगा भारत

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russian Oil Exemption: भारत के लिए अच्छी खबर है. ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को एक छूट को फिर से लागू किया, जिससे देशों को समुद्र में रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की अनुमति मिल गई. यह छूट लगभग एक महीने के लिए है. इससे दो दिन पहले ही प्रशासन ने छूट देने से इनकार कर दिया था.

शुक्रवार की देर रात ट्रेजरी विभाग ने अपनी वेबसाइट पर यह लाइसेंस जारी किया. इसके तहत देशों को शुक्रवार तक जहाजों पर लादे गए रूसी तेल को 16 मई तक खरीदने की अनुमति मिल गई है. हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह इस फैसले से प्रभावित नहीं होगा और रूस से कच्चा तेल और एलपीजी खरीदना जारी रखेगा.

यह लाइसेंस वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के प्रशासन के प्रयासों का एक हिस्सा है. ये कीमतें ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान काफी बढ़ गई थीं. इस लाइसेंस में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से जुड़े लेन-देन शामिल नहीं हैं.

इससे पहले बुधवार को ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन रूसी तेल के लिए मिली छूट और ईरानी तेल के लिए मिली एक और छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा, जिनकी समय सीमा रविवार को खत्म होने वाली है.

बेसेंट ने पिछले महीने कहा था कि ईरानी छूट की वजह से लगभग 140 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंच पाया और युद्ध के दौरान ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े दबाव को कम करने में मदद मिली.

क्या कहा था रूस ने?

रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने कहा था कि पहली छूट से 10 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल उपलब्ध हो जाएगा, जो लगभग एक दिन के वैश्विक उत्पादन के बराबर है. हालांकि, प्रतिबंधों में मिली इस राहत से दुनिया भर में तेल की आपूर्ति में अस्थायी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इससे पेट्रोलियम की कीमतों में उछाल को रोका नहीं जा सका है.

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