Assam News: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की एक स्पेशल कोर्ट ने मोहम्मद कामरुज जमान उर्फ कमरुद्दीन को उम्र कैद की सजा सुनाई है. कमरुद्दीन को तीन अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं. यह सजा आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और आतंकी साजिश रचने के आरोप में सुनाई गई है.
एनआईए के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि कमरुद्दीन पाकिस्तान के आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ था. असम के गुहाटी स्थित NIA की विशेष अदालत ने कमरुद्दीन को तीन अलग-अलग सजा सुनाई है और तीनों सजा एक साथ चलेंगी.
एनआईए कोर्ट ने तीनों मामले में कमरुद्दीन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो कमरुद्दीन को तीन महीने की अतिरिक्त साधारण सजा काटनी होगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों की जांच में पता चला कि कमरुद्दीन असम में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का एक मॉड्यूल बना रहा था. साथ ही उसने सैदुल आलम, उमर फारुक और शाहनवाज आलम को भर्ती किया था.
एनआईए कोर्ट ने UA (P) एक्ट, 1967 के सेक्शन 18 के तहत पांच-पांच साल की सिंपल जेल और UAPA एक्ट, 1967 के सेक्शन 18, IPC के सेक्शन 120 को सेक्शन 38 के साथ पढ़ने पर पांच-पांच साल की सिंपल जेल की सजा सुनाई है. NIA ने मार्च 2019 में ऊपर बताए गए चार लोगों सहित पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी. शाहनवाज आलम, सैयद आलम और उमर फारूक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद उन्हें दोषी पाया गया, जबकि पांचवें आरोपी जैनुद्दीन की ट्रायल के दौरान बीमारी के कारण मौत हो गई.