Bijapur Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो नक्सली मारे गए. यह मुठभेड़ इंद्रावती नदी के पास स्थित घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. कार्रवाई के बाद सुरक्षाबलों ने मौके से एसएलआर (SLR), इंसास राइफल और 12-बोर बंदूक समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं.
कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह इंद्रावती नदी के किनारे जंगल में गोलीबारी शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर थी. अचानक नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से लंबे समय तक गोलीबारी हुई.
मुठभेड़ के बाद क्या मिला?
गोलीबारी शांत होने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली. मौके से वर्दी पहने दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए. इसके अलावा एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), एक INSAS राइफल और एक 12-बोर बंदूक भी बरामद हुई.
पुलिस के अनुसार, इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और अन्य नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है.
इस साल अब तक कितने माओवादी मारे गए?
केंद्र सरकार ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की समयसीमा तय की है. गुरुवार की इस कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 25 माओवादी मारे जा चुके हैं.
इससे पहले 3 जनवरी को बस्तर क्षेत्र में हुई दो मुठभेड़ों में 14 माओवादी मारे गए थे. इन अभियानों में बीजापुर समेत सात जिले शामिल थे.
पिछले साल का आंकड़ा
पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच विभिन्न मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे, जो हाल के वर्षों में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जाती है.
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