AirAsia: एक किसान ने एयरएशिया के खिलाफ केरल के एक कंज्यूमर कमीशन में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले की सुनवाई करते हुए कमीशन ने एयरएशिया को आदेश दिया है कि उन्हें किसान को कुल 90,750 रुपये का मुआवजा देना होगा. मालूम हो कि एयरलाइन कंपनी एयरएशिया की फ्लाइट लेट होने से केरल के एक किसान का पौधा खराब खराब हो गया था. केरल के पल्लकड़ के रहने वाले अब्दुल अजीज हाइब्रिड फलों की खेती और रिसर्च करते हैं. अब्दुल अजीज ने एयरएशिया के खिलाफ केरल के एक कंज्यूमर कमीशन में शिकायत दर्ज कराई थी.
फ्लाइट लेट होने से छूट गई कोच्चि जाने वाली फ्लाइट
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब्दुल अजीज हाइब्रिड कटहल का पौधा खरीदने के लिए अगस्त 2025 में मलेशिया और इंडोनेशिया गए थे. वापसी में उन्हें हाइब्रिड कटहल का पौधा लेकर 30 अगस्त को कुआलालंपुर से होते हुए कोच्चि लौटना था, लेकिन, मेदान-कुआलानमु से उनकी फ्लाइट कई घंटे लेट हो गई, जिससे उनकी कोच्चि जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट भी छूट गई.
नोटिस का जवाब नहीं दिया था एयरएशिया ने
एयरएशिया 7 फरवरी 2026 को ईमेल के जरिए नोटिस मिलने के बावजूद न तो आयोग के सामने पेश हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया. इसलिए आयोग ने इस पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की और किसी भी खंडन के अभाव में शिकायतकर्ता की बात को स्वीकार कर लिया. आयोग ने पाया कि “फ्लाइट में देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की पूरी वजह दूसरी पार्टी की तरफ से सर्विस और तालमेल की कमी थी.”
क्या कहा कोर्ट ने अपने फैसले में
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “दूसरी पार्टी की तरफ से सर्विस में कमी के कारण शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी हुई है और इसके लिए उन्हें मुआवजा देना जरूरी है.” पलक्कड़ के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यात्रा पर हुआ किसान का पूरा खर्च बेकार हो गया और अब शिकायतकर्ता को दूसरा पौधा खरीदने के लिए दोबारा इंडोनेशिया की यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.”
45 दिनों के भीतर करना होगा मुआवजे का भुगतान
आयोग ने एयरएशिया को निर्देश दिया कि वो मेदान-कुआलानामु-कोच्चि यात्रा के लिए 30,750 रुपये की टिकट का पैसा वापस करें, यात्रा और रहने के खर्च के तौर पर 25,000 रुपये दें, सर्विस में कमी के लिए मुआवजे के तौर पर 25,000 रुपये दें और कानूनी खर्च के लिए 10,000 रुपये दें. एयरलाइन को 45 दिनों के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया गया है. ऐसा न करने पर उसे पूरी रकम का भुगतान होने तक हर महीने 500 रुपये हर्जाने के तौर पर देने होंगे. ये सारी रकम मिलाकर 90,750 रुपये होती है.

