Peshawar: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पूर्व जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) कमांडर कमांडर फारूक की मौत हो गई है. 85 वर्षीय फारूक रावलाकोट में प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के दौरान इस्लामाबाद के एक अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया.
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, 28 जुलाई को रावलाकोट बस टर्मिनल के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी. आरोप है कि इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में फारूक गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
रिपोर्टों के अनुसार, कमांडर फारूक का संबंध अतीत में JKLF से रहा था और वह 1990 के दशक में भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे थे. दावा किया गया है कि उन्होंने पहले पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में सेवा दी और बाद में JKLF से जुड़ गए.
PoJK में 5 जून से प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारी 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने, सस्ती बिजली और गेहूं जैसी बुनियादी सुविधाओं सहित कई मांगें कर रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस आंदोलन के दौरान अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.