Kaushambi News: ट्रेन के बाद बस में नमाज, यूपी रोडवेज को रोकर कर आखिर किसने पढ़वाई नमाज?

कौशांबी: उतर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर नमाज़ (Namaz) पर विवाद सामने आ गया है. दरअसल, ये विवाद यूपी रोडवेज का है. बता दें कि परिवहन निगम के चालक-परिचालक ने बस रुकवा कर नमाज पढ़वा दी. इसके बाद जैसे ही मामला प्रकाश में आया चालक और परिचालक दोनों को हटा दिया गया. वहीं, इस मामले में आरएम ने एआरएम को इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देशित दिया है. जानकारी के मुताबिक कार्रवाई के बाद परिचालक फूट-फूटकर रोने लगा.

शनिवार रात बस रुकवाकर पढ़ाई गई नमाज़
आपको बता दें कि बरेली से कौशांबी जा रही जनरथ बस को शनिवार रात रुकवा कर नमाज़ पढ़ाने का मामला सामने आया है. इसमें यात्रियों ने हंगामा किया और आरएम को फोन से सूचना दी. इस सूचना पर आरएम ने एआरएम बरेली को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है. इस मामले में दोनों चालक और परिचालक कों सस्पेंड कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक रोडवेज जनरथ बस बरेली से शनिवार की शाम लगभग सात बजे कौशांबी जा रही थी. तभी बरेली लखनऊ हाईवे पर यात्रियों ने चालक परिचालक से नमाज़ पढ़ने के लिए कहा.

जानिए कहां रोकी गई बस
इसके बाद बस को रोक दिया गया. वहीं, रात के अंधेरे में बस को सड़क किनारे खड़ा कर कुछ लोगों ने बाकायदा नमाज़ पढ़ी. बताया जा रहा है कि बस जब अंधेरे में खड़ी थी, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था. इस दौरान कुछ यात्रियों ने इसका विरोध भी किया, साथ ही फोन से सूचना दी. फिर क्या था, बस रुकने और हंगामे का वीडियो बनाकर किसी यात्री ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इसके बाद अब दोनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. अब ये मामला प्रबंध निदेशक तब पहुंच चुका है.

मामले में आरएम बरेली ने दी जानकारी
इस मामले में आरएम बरेली दीपक चौधरी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बरेली डिपो प्रबंधन ने इन्हें ड्यूटी से हटा दिया है. शनिवार रात यूपी 32 एन एन 0330 नंबर की जनरथ बस शनिवार शाम साढ़े सात बजे सेटेलाइट बस स्टैंड से रवाना हुई थी. दरअसल, ये पूरा मामला बरेली दिल्ली हाईवे का है.

Latest News

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पूरी तरह अपनी शर्तों पर रोका, लंबे समय तक संघर्ष को जारी रखने के लिए हम पूरी तरह तैयार-राजनाथ सिंह

New Delhi: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि हमने ऑपरेशन सिंदूर इसलिए नहीं रोका, क्योंकि हमारी क्षमताएं...

More Articles Like This

Exit mobile version