नेपाल बाढ़ पर MEA ने दिया अपडेट, 288 भारतीयों से टूटा संपर्क, तिब्बत सीमा पर भी फंसे 200 नागरिक

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nepal Floods: बीते बुधवार को नेपाल में आए सैलाब ने पूरी तरह से तबाही मचा दी है. सैलाब की जद में आने से अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी हैं. वहीं, 1000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक चितवन से 108, नवलपरासी पूर्व से 62, धादिंग से 27, गोरखा से 20, रसुवा से 17, नवलपरासी पश्चिम से 15, नुवाकोट से 12 और तनहुन से 9 शव बरामद किए गए हैं. इस बीच चिंता बढ़ाने वाली खबर ये भी सामने आई है कि नेपाल में आई त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक भी लापता हैं. इस बारे में भारत के विदेश मंत्रालय ने पूरी जानकारी साझा की है.

गुरुवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के हिमालयी सीमावर्ती इलाकों में जबरदस्त बाढ़ आने के बाद नेपाल में कम से कम 288 भारतीय नागरिक लापता हैं और 200 अन्य चीन में फंसे हुए हैं.

मंत्रालय ने कहा कि लापता लोगों में पर्यटक और नेपाल में काम करने वाले भारतीय शामिल हैं. इसके अलावा मंत्रालय ने यह भी बताया कि तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को नेपाल में बचाया गया है, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी जानकारी

बाढ़ से जबरदस्त रूप से प्रभावित नेपाल में कई लोगों के फंसे होने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पहला ग्रुप 73 लोगों का है जो त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. इसके बाद तमिलनाडु के नागरिकों के दो अलग-अलग ग्रुप हैं, एक में 37 और दूसरे में 49 लोग हैं, जिन्होंने सम्राट और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा की थी. पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है, जो सम्राट ट्रैवल्स की मदद से रसुवा ज़िले के तिमुरे गए थे.”

उन्होंने आगे कहा, “फिर, अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है और उसके बाद केरल के 33 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है. ये पांच मुख्य ग्रुप हैं, जिनमें कुल मिलाकर 288 लोग शामिल हैं, जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं.”

कितनी हुई मृतकों की संख्या?

रणधीर जायसवाल ने कहा कि फिलहाल हमारे पास मौतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है. जैसा कि मैंने कहा, वहां हालात लगातार बदल रहे हैं और अनिश्चित बने हुए हैं. जैसे ही हमें और जानकारी मिलेगी, हम आपके साथ साझा करेंगे.

वहीं नेपाली अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा में कम से कम 289 लोगों की मौत हुई है और 826 लोग लापता हैं, जबकि तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं. नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि दर्जनों पुल टूट गए और लगभग 40 किलोमीटर (25 मील) सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे खोज अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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