Middle East War: एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध खत्म करने का संकेत दे रहे हैं, वही दूसरी तरफ ईरान ने हमले का बड़ा दावा किया है. ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी एक अर्ध-सरकारी ईरानी समाचार एजेंसी ने मंगलवार तड़के बताया कि ईरान के दो ऊर्जा संयंत्रों पर हवाई हमले हुए हैं. यह रिपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों पर सवाल उठाने के लिए जारी की गई प्रतीत होती है. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला कर देगा.
समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान के जिन दो ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया गया है, उनमें एक हमले में इस्फ़हान में प्राकृतिक गैस का बुनियादी ढांचा शामिल है, जबकि दूसरे हमले में खोर्रमशहर बिजली संयंत्र के लिए गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया है. हालांकि, सोमवार को इस क्षेत्र में हुए हमलों की जिम्मेदारी न तो इजरायल ने ली है और न ही अमेरिका ने ली. हालांकि दोनों देश हमेशा अपने हमलों को स्वीकार नहीं करते हैं. यह भी तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि क्या इन संयंत्रों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था या क्षेत्र में अन्य संयंत्रों पर हुए हमलों में उन्हें नुकसान पहुंचाया गया था.
‘ट्रेप फैला रहे फेक न्यूज‘
मालूम हो कि इस हमले से ठीक पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में एक ‘सम्मानित’ नेता से बातचीत जारी होने का दावा किया था. ट्रप ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की समय सीमा को भी पांच दिन के लिए और बढ़ा दिया था. हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया था. ईरान ने ट्रंप के इस दावे पर कहा कि ट्रंप फेक न्यूज फैला रहे हैं. उनकी किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं हुई है.

