Pakistan Afghanistan Clash: तालिबान हमलों में पाकिस्तान में कई जगहों पर लगी आग, 40 से अधिक सैनिकों के मारे जाने का दावा

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan Afghanistan Clash: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इस संघर्ष में दोनों पक्षों के बीच रातभर हमले जारी रहे. पाकिस्तान के बाजौर जिले में पाकिस्तानी तालिबान (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी) की सेनाओं ने एक सैन्य हमला किया है. प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में पाकिस्तानी सेना के लगभग 40 सैनिक मारे गए हैं.  यह घटना अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव के बीच हुई है, जहां दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर हमले और जवाबी कार्रवाई बढ़ गई है. इसके अलावा तालिबान के ड्रोन हमले में इस्लामाबाद में कई मिलिट्री ठिकाने तबाह हो गए हैं और वहां आग लग गई है. इस हमले के बाद अफरा-तफरी के बीच चीख-पुकार का वीडियो भी सामने आया है.

पाकिस्तान का  बाजौर जिला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित है और अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है. यह लंबे समय से उग्रवाद और आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है. हाल के महीनों में पाकिस्तानी तालिबान के मुख्य संगठन टीटीपी ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें सुरक्षा बलों पर हमले शामिल हैं. अफगान तालिबान ने सीमा पर पाकिस्तानी चौकियों पर हमले का दावा किया गया है, जिसमें उन्होंने 40 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और कई चौकियां कब्जाने की बात कही है. इससे पहले शुक्रवार को भी तालिबान ने हमले में 55 सैनिकों को मार गिराने का दावा किया था. ताजा हमला शुक्रवार की रात किया गया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. अफगान तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा पक्तिया प्रांत में नागरिकों को निशाना बनाने के जवाब में अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर सुइसाइड ड्रोन से तीव्र हमला किया है. अफगान पक्ष के मुताबिक, ये हमले सैन्य ठिकानों और संवेदनशील लक्ष्यों पर केंद्रित थे, जिसमें इस्लामाबाद के आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन से हमले किए गए. एक वीडियो में कथित तौर पर इस्लामाबाद में संवेदनशील स्थलों पर हमले दिखाए गए हैं, जहां धमाके और आग की लपटें देखी जा सकती हैं.

अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वाराजमी ने कहा कि इस हमले में इस्लामाबाद के फैजाबाद क्षेत्र के निकट एक सैन्य कैंप, नौशेरा में सैन्य मुख्यालय, जमरूद की सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद सहित कई लक्ष्यों को निशाना बनाया गया. शुक्रवार की रात इस्लामाबाद में कई बड़े हमले या आग की लपटें नहीं देखी गईं. यह घटना दोनों देशों के बीच “ओपन वॉर” की घोषणा के बाद हुई है. पाकिस्तान ने हाल ही में काबुल, कंधार और पक्तिया सहित अफगान शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने बॉर्डर पर हमले और ड्रोन स्ट्राइक्स किए.

अफगानिस्तान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री के बीच बात

पाकिस्तान-तालिबान संघर्ष के बीच अफगानिस्तान इस्लामी अमीरात के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय मुद्दों और विशेष रूप से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच नवीनतम स्थिति पर चर्चा हुई. बातचीत की शुरुआत में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब की रचनात्मक राजनयिक प्रयासों और क्षेत्रीय स्थिरता में उसके सक्रिय भूमिका की सराहना की. उन्होंने जोर दिया कि अफगानिस्तान, दशकों की युद्ध और अस्थिरता के बाद, सभी देशों के साथ पारस्परिक सम्मान की आधार पर सकारात्मक संबंध चाहता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान किसी के खिलाफ कोई नकारात्मक इरादा नहीं रखता और अपनी सुरक्षा उपायों को केवल अपनी सुरक्षा की रक्षा के ढांचे के भीतर व्यवस्थित करता है. हाल के सुरक्षा कदम रक्षात्मक, पारस्परिक और स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किए गए थे.

सऊदी के विदेश मंत्री ने तनाव कम करने को कहा

सऊदी के विदेश मंत्री ने क्षेत्र में तनाव कम करने, सहिष्णुता के माहौल को मजबूत करने और मुद्दों के राजनयिक समाधान के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पक्ष पारस्परिक सम्मान, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहें. प्रिंस फैजल बिन फरहान ने मतभेदों को संवाद और राजनीतिक माध्यमों से हल करने के बारे में अफगानिस्तान के स्पष्ट रुख का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि सऊदी अरब शांति और स्थिरता की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा. अंत में दोनों पक्षों ने संपर्कों को जारी रखने, समन्वय और राजनयिक चैनलों को सक्रिय बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.

ऑपरेशन का नाम रखा रेड अल-जुल्म

इस्लामिक अमीरात ने पाकिस्तानी सैन्य शासन के खिलाफ चल रहे अपने जवाबी अभियानों को (रेड अल-ज़ुल्म) नाम दिया है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी गोलीबारी जारी है. दोनों पक्षों को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं.

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