Major Attack On Houthis In Yemen: यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थक सेनाओं के बीच संघर्ष तेज होता दिख रहा है. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन’ के तहत 1,879 अभियानों में करीब 950 हूती लड़ाकों को मार गिराया है और 380 सैन्य वाहनों को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया है.
दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमले का दावा करते हुए बदला लेने की चेतावनी दी है. अरब मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने कहा कि हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए लड़ाकू विमानों, ड्रोन, तोपखाने, रॉकेट प्रक्षेपकों और निशानेबाज इकाइयों का इस्तेमाल किया गया. निशाने पर कथित तौर पर किलेबंदी, कमान और नियंत्रण केंद्र, तोपखाने तथा रॉकेट प्रक्षेपण स्थल, निगरानी केंद्र, हथियार और गोला-बारूद के भंडार और सैन्य आपूर्ति मार्ग थे. गठबंधन का कहना है कि इन अभियानों से हूतियों की आपूर्ति व्यवस्था और सैन्य नियंत्रण नेटवर्क प्रभावित हुआ है.
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को कहा कि यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में एक विशेष अभियान से पहले नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी जारी की जाएगी. इस घटनाक्रम से राजधानी में संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है. हालांकि, अभियान के सटीक स्थान, समय और उसके परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
गठबंधन ने मंगलवार को यह भी कहा कि सऊदी राजधानी रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन मार गिराए गए. वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोमवार शाम दावा किया कि समूह ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया और मिसाइल ने लक्ष्य को भेदा. इन घटनाओं के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष और बढ़ने की आशंका है.
बातचीत में ईरान ने मदद की पेशकश की
इस संघर्ष के बीच ईरान ने सऊदी अरब और हूती समूह के बीच संवाद शुरू कराने में सहायता देने की इच्छा दोहराई है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तेहरान कई बार दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने में भूमिका निभाने की तत्परता जता चुका है. इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की थी. ईरान के मुताबिक, इस दौरान उसने सऊदी अरब और हूती समूह के बीच संवाद स्थापित कराने के लिए हर संभव सहायता देने की पेशकश की.

