होर्मुज में जहाज पर अटैक: क्षतिग्रस्त हुआ इंजन रूम, चालक दल का एक सदस्य घायल

Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ship Attacked In Hormuz: होर्मुज में एक जहाज पर हमले की खबर सामने आई है. होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहे एक जहाज को मंगलवार तड़के अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया. ब्रिटिश सेना के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र के मुताबिक, हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य हताहत हुआ. किसी संगठन या देश ने हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है. इस घटना ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं.

UKMTO ने जहाज या उसके माल से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. यह भी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि चालक दल का सदस्य हमले में मारा गया है या घायल है. एजेंसी ने बताया कि ओमान का तटरक्षक बल जहाज के अन्य चालक दल के सदस्यों की मदद कर रहा है. घटना की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, अभी तक इस घटना के कारण समुद्र में किसी तरह के पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

मालूम हो कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. युद्ध से पहले दुनिया के कुल कारोबार वाले तेल का करीब पांचवां हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता था. ऐसे में इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका रहती है.

ईरान ने 28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका के हमलों के बाद इस जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था. अमेरिका भी फिलहाल इस मार्ग से ईरानी जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए नाकेबंदी कर रहा है.

फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप पड़ी हुई है. इसी बीच ईरान, ओमान के साथ अलग से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के प्रबंधन को लेकर बातचीत कर रहा है. ईरान ने सोमवार को कहा था कि दोनों पक्ष एक संयुक्त बयान जारी करने की योजना के अंतिम विवरण पर काम कर रहे हैं.

 

Latest News

कब मनाई जाएगी सावन पूर्णिमा? तारीख न हो जाए मिस, जान लें स्नान-दान का सही समय

सावन पूर्णिमा को श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है. इस दिन स्नान-दान और भगवान शिव-विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक मान्यताएं.

More Articles Like This