दिल्ली दंगे पर कोर्ट का बड़ा फैसला: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, IB अधिकारी अंकित शर्मा के हत्या में सजा

New Delhi: दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने छह साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने पूर्व MCD पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. करीब छह साल तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने पहले इन सभी को दोषी ठहराया था. अब सजा का भी ऐलान कर दिया है. इस फैसले को 2020 दिल्ली दंगा मामलों में सबसे अहम न्यायिक फैसलों में माना जा रहा है.

जावेद को भी उम्रकैद की सजा

कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने 13 जुलाई 2026 को इन पांचों को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने समेत कई गंभीर आरोपों में दोषी करार दिया था. वहीं, इसी मामले में आरोपी बनाए गए 11 लोगों में से 6 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. फैसले के दिन कोर्ट परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.

ताहिर समेत पांचों आरोपियों को दोषी माना

अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों पर भरोसा जताते हुए ताहिर हुसैन समेत पांचों आरोपियों को दोषी माना था. इसके बाद सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. IBमें सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात 26 साल के अंकित शर्मा फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान लापता हो गए थे.

शरीर पर कई गंभीर चोटों और धारदार हथियार के घाव

26 फरवरी को उनका शव खजूरी खास के नाले से बरामद हुआ था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों और धारदार हथियार के घाव मिलने की बात सामने आई थी. इसके बाद उनके पिता ने ताहिर हुसैन और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. दिल्ली पुलिस का आरोप था कि हिंसा के दौरान चांदबाग स्थित ताहिर हुसैन का मकान कथित तौर पर दंगाइयों का ठिकाना बना हुआ था. जांच एजेंसी ने दावा किया था कि वहां से पत्थर, पेट्रोल बम बनाने की सामग्री, एसिड पैकेट, गुलेल और अन्य सामान बरामद हुआ था.

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की

पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को भी अदालत में पेश किया. फरवरी 2020 में दर्ज इस मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी. मार्च 2023 में अदालत ने आरोप तय किए और इसके बाद गवाहों के बयान तथा सबूतों पर लंबी सुनवाई चली. आखिरकार 13 जुलाई 2026 को अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया और अब 31 जुलाई को उन्हें उम्रकैद की सजा सुना दी है. यह फैसला 2020 के दिल्ली दंगा मामलों में सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों में से एक माना जा रहा है.

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