क्यूबा पर ट्रंप प्रशासन का शिकंजा: GAESA सहित कई संस्थाओं पर लगाए प्रतिबंध, विदेश मंत्री ने कहा…

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Donald Trump: क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए अमेरिका ने नई पाबंदियों का ऐलान किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि प्रतिबंध क्यूबा की जनता पर नहीं, बल्कि वहां की सत्ता से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर लगाए गए हैं.

नई पाबंदियों का सबसे बड़ा निशाना GAESA बना है, जो क्यूबा की क्रांतिकारी सशस्त्र सेनाओं द्वारा संचालित विशाल कारोबारी समूह है. इसके अलावा कनाडा की कंपनी शेरिट इंटरनेशनल के साथ चल रहे संयुक्त उपक्रम मोआ निकल पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसके बाद शेरिट इंटरनेशनल ने क्यूबा से अपना कारोबार समेटने की घोषणा कर दी, जिससे द्वीप देश में उसकी 32 साल पुरानी मौजूदगी समाप्त हो जाएगी.

विशेषज्ञों ने क्या जताई चिंता?

विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रतिबंध क्यूबा की पहले से जर्जर अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकते हैं. क्विंसी संस्थान से जुड़े शोधकर्ता ली श्लेंकर ने कहा कि नई कानूनी शक्तियों के तहत अमेरिका अब तीसरे देशों की कंपनियों और नागरिकों पर भी कार्रवाई कर सकेगा. इसके तहत कंपनियों की अमेरिकी संपत्तियां फ्रीज की जा सकती हैं और उनके निवेशकों तथा कर्मचारियों की अमेरिका यात्रा पर भी असर पड़ सकता है.

इन कदमों को क्यूबा मामलों के विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री पावेल विडाल ने बेहद चिंताजनक बताया. उनके मुताबिक, क्यूबा की अर्थव्यवस्था पहले ही लगभग ठप पड़ चुकी है और जनवरी से अमेरिका द्वारा ईंधन आपूर्ति रोके जाने के बाद हालात और खराब हुए हैं. उन्होंने कहा कि नए प्रतिबंधों के बाद GAESA के साथ जुड़े विदेशी साझेदार भी दूरी बना सकते हैं, क्योंकि बहुत कम कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंधों को चुनौती देने का जोखिम उठाएंगी.

विशेषज्ञों के अनुसार, GAESA का क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर बेहद गहरा प्रभाव है. यह समूह देश के खुदरा कारोबार, होटल, ट्रैवल एजेंसियों, कार रेंटल सेवाओं, वित्तीय संस्थानों और मुद्रा विनिमय नेटवर्क तक को नियंत्रित करता है. रिपोर्टों के मुताबिक, GAESA क्यूबा की जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से पर प्रभाव रखता है.

जाने GAESA का इतिहास

मालूम हो कि 1990 के दशक में सोवियत संघ के पतन और अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद क्यूबा की सेना ने इस कारोबारी ढांचे को खड़ा किया था. लंबे समय तक इसका नेतृत्व लुइस अल्बर्टो रोड्रिगेज लोपेज-कालेजा ने किया, जो पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के दामाद थे. उनके निधन के बाद अनिया गिलर्मिना लास्त्रेस को GAESA का नया प्रमुख बनाया गया, जिन्हें अब अमेरिकी ब्लैकलिस्ट में भी शामिल कर लिया गया है.

क्या कहा क्यूबा सरकार ने?

वहीं, क्यूबा सरकार ने अमेरिकी प्रतिबंधों को सामूहिक सजा करार दिया है. हवाना का कहना है कि अमेरिका राजनीतिक दबाव बनाने के लिए क्यूबा की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है और इससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

क्यूबा पहले से ही बिजली और पानी की भारी कटौती, ईंधन संकट और खाद्य आपूर्ति की समस्याओं से जूझ रहा है. ऐसे में नए अमेरिकी प्रतिबंधों से वहां का आर्थिक और मानवीय संकट और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है.

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