UP: मौसम विभाग की डराने वाली चेतावनी, प्रदेश में ठहरा मानूसन, तीन दिनों तक पड़ सकती बेतहाशा गर्मी

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Weather In Up: प्रदेश में एंट्री के बाद अचानक मानसून ठिठक गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी तीन दिन तक प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता में कमी के आसार हैं. केवल मध्य प्रदेश से सटे जिलों में बारिश की संभावना जताई जा रही है. बाकी जगह बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना है.

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में 30 जून को मानसून की आमद हो चुकी है. इसके बाद तेज़ी से आगे बढ़ते हुए 2 जुलाई को पूरे प्रदेश में इसका असर दिखा. इसके बाद उत्तरी उड़ीसा तट के पास उत्तरी पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी अपनी वर्तमान स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है. इसके चलते प्रदेश में अन्य कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है.

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार तक प्रदेश में मानसूनी सक्रियता में कमी महसूस की जाएगी. इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के दक्षिणी भाग और इससे लगे जिलों में हो रही वर्षा के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य भागों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहेंगी. तापमान में आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना है. मंगलवार से प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता में बढ़ोत्तरी के परिणामस्वरूप बारिश में एक बार फिर से बढ़ोतरी के आसार जताए जा रहे हैं. शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान में कमी महसूस की गई. सबसे अधिक तापमान फतेहगढ़ में 38.4 डिग्री दर्ज किया गया. उरई में 38.2, बस्ती में 38 डिग्री और लखनऊ में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया.

मानसून अब भी सुस्त, 75% से अधिक जिलों में सामान्य से कम वर्षा

प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 3 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जून से अब तक सामान्य के मुकाबले 50 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. प्रदेश स्तर पर भी मानसून सामान्य से काफी पीछे चल रहा है.
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक है. वाराणसी व मऊ में 74 फीसदी, जौनपुर में 91 फीसदी, संतकबीरनगर में 52 फीसदी, सिद्धार्थनगर में 68, लखनऊ में 60, कुशीनगर में 78, महाराजगंज में 29 और गोरखपुर में 51 फीसदी तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है. प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर सहित कई जिलों में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हालात बहुत बेहतर नहीं हैं. गाजियाबाद में 86 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 88 प्रतिशत, बागपत में 54 प्रतिशत, मुरादाबाद में 20 प्रतिशत और रामपुर में 34 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है. हालांकि, कुछ जिलों, जैसे बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, शाहजहांपुर और संभल में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है.

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 4 जुलाई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सप्ताह के दूसरे हिस्से में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है. कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है.

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