Jammu-Kashmir Floods: जम्मू-कश्मीर में आसमान से आफत बरस रही है. लगातार तीन दिन से जारी भारी वर्षा से कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है. बारिश और भूस्खलन से सड़क संपर्क जबरदस्त रूप से प्रभावित हो चुका है. प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में सैकड़ों गांव जिला मुख्यालयों से कट गए हैं. इस आसमानी आफत में अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी हैं.

मंगलवार को उधमपुर व रामबन में कई जगह पत्थर गिरने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे प्रभावित हुआ. जम्मू-पठानकोट हाईवे भी जलभराव से प्रभावित रहा. भूस्खलन से राजौरी-पुंछ हाईवे भी करीब ढाई घंटे बाधित रहा.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तेज गति से राहत कार्य जारी होने का दावा करते हुए बताया कि राजौरी-पुंछ जिलों में प्रभावित 435 मार्गों में से 356 को बहाल कर दिया गया है. तवी, चिनाब सहित सभी नदी-नाले उफान पर हैं.

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की समीक्षा
बड़गाम के बीरबाह में सुखनाग नाले में उफान की वजह से पूरा शापिंग काम्प्लेक्स बह गया. साथ ही यहां बाढ़ में बहने से एक व्यक्ति की मौत का समाचार है. रियासी में चिनाब पर बनी सलाल पनबिजली परियोजना के सभी बैराज खोल दिए गए हैं.
श्रीअमरनाथ यात्रा, मां वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित रही. इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की.
शाह ने राहत व पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. प्रदेश में वर्षा-बाढ़ और भूखस्लन से तीन दिन में 25 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें करीब 21 मौतें राजौरी और पुंछ जिलों में ही हुई हैं.
दोनों जिलों में राहत कार्य जारी हैं. इन जिलों में बिजली व पेयजल आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित है. इस बीच, कटड़ा में माता वैष्णो देवी की यात्रा मार्ग पर कई जगह पत्थर गिरे. यात्रा स्थगित रहने से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है.

कटड़ा में सबसे ज्यादा बारिश
कटड़ा में करीब 20 हजार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने के इंतजार में हैं. तीन दिन में कटड़ा में सबसे अधिक करीब 300 एमएम वर्षा हुई है. वहीं, जम्मू, बालटाल तथा पहलगाम आधार शिविरों में हजारों शिवभक्त मौसम साफ होने व प्रशासन की ओर से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
जम्मू जिला के खौड़ में एक घर पर आसमानी बिजली गिरने से मकान में दरारें पड़ गई और खिड़कियां टूटने के साथ बिजली के उपकरण जल गए. इसके अलावा ज्यौड़ियां की चक भगवाना खड्ड का जलस्तर बढ़ने से तीन घंटे तक कई गांवों का संपर्क कटा रहा.
वर्षा से सांबा-मानसर-ऊधमपुर मार्ग प्रभावित रहा. सुंब ब्लाक के 70-80 गांवों में बिजली बंद रही. कठुआ के बिलावर में भीनी नदी में दो युवक फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया. कठुआ में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर दो से तीन फुट पानी भर गया.

उधर, कश्मीर में श्रीनगर, पुलवामा और बांडीपोरा सहित कई जिलों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही. सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और सिविल डिफेंस व पुलिस की टीमें लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को जलस्रोतों से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही हैं. मौसम की मार से हर कोई परेशान और बेहाल हैं.

