Assam Election Result: देशभर में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच असम से आ रहे शुरुआती रुझानों ने सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है. राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6.30 बजे भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे, जहां वह कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं. चुनावी माहौल के बीच असम में भाजपा की बढ़त ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया है. रुझानों के मुताबिक भाजपा राज्य की बड़ी संख्या में सीटों पर आगे चल रही है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता में वापसी की राह आसान हो सकती है.
असम में भाजपा की मजबूत स्थिति
रुझानों के अनुसार असम की 126 विधानसभा सीटों में से भाजपा करीब 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. यह आंकड़ा पार्टी के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने शुरुआती रुझानों में बढ़त हासिल कर राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है. हालांकि अंतिम नतीजे आने में अभी समय है, लेकिन शुरुआती संकेतों ने सियासी हलचल तेज कर दी है.
जालुकबारी सीट पर हिमंत बिस्वा सरमा आगे
राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जालुकबारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और शुरुआती रुझानों में लगभग 12 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई जोरहाट सीट से पीछे चल रहे हैं. शुरुआती रुझानों के मुताबिक वे 9 हजार से अधिक वोटों से पिछड़ रहे हैं.
मतगणना के लिए कड़े इंतजाम
असम के 35 जिलों में 40 केंद्रों पर मतगणना जारी है. बड़े निर्वाचन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. नगांव जिले में मतगणना तीन अलग-अलग स्थानों पर की जा रही है, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हर केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
722 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं.
- कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 99 उम्मीदवार उतारे
- भाजपा ने 90 उम्मीदवार मैदान में उतारे
- एआईयूडीएफ ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा
सहयोगी दलों में असम गण परिषद ने 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 11 उम्मीदवार उतारे. विपक्षी गठबंधन में राइजर दल, असम जातीय परिषद और अन्य क्षेत्रीय दल भी मैदान में रहे.
इसके अलावा, आम आदमी पार्टी, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कई दलों ने चुनाव में हिस्सा लिया. वहीं 258 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी किस्मत आजमाई.
रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई दिलचस्पी
असम में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया. इस बार कुल 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी को दर्शाता है.
क्या कहते हैं संकेत?
शुरुआती रुझानों को देखते हुए असम में भाजपा की स्थिति मजबूत नजर आ रही है. हालांकि अंतिम नतीजे आने तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं होगी, लेकिन मौजूदा रुझान सत्ता में वापसी के संकेत दे रहे हैं.
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