इजरायल में यहूदी-अरब सरकार बनाने के समर्थन में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे, नेतन्याहू पर टिकी देश की राजनीति

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Jerusalem: इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए नेसेट चुनाव के नतीजों ने किसी एक पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है. ऐसे में 31 अक्टूबर शाम को तेल अवीव में करीब दो हजार लोग यहूदी-अरब सरकार बनाने के समर्थन में सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरोधियों को कुल 67 सीटें मिली हैं, लेकिन सरकार बनाने का रास्ता अभी भी कांटों भरा है. चुनावी आंकड़ों के मुताबिक 120 सदस्यीय नेसेट में नेतन्याहू के गठबंधन ब्लॉक को 53 सीटें मिलीं. उनके विरोध में खड़ी यहूदी पार्टियों को अकेले 48 सीटें हासिल हुईं. अरब पार्टियों ने ऐतिहासिक रूप से 19 सीटें जीतीं.

67 सीटें बहुमत के लिए काफी

अगर विपक्षी यहूदी पार्टियां और अरब पार्टियां मिल जाएं तो कुल 67 सीटें हो जाती हैं, जो बहुमत के लिए काफी हैं. अब पेच ये है कि ज्यादातर यहूदी विपक्षी दल अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने को तैयार नहीं हैं. नतीजा यह है कि नेतन्याहू के पास भी 61 का जादुई आंकड़ा नहीं है और उनके विरोधियों के पास भी अकेले दम पर सरकार बनाना मुश्किल है. 10 नवंबर को नए नेसेट की शपथ होनी है.

वामपंथी ग्रुप स्टैंडिंग टुगेदर के नेतृत्व में रैली

31 अक्टूबर को हैबीमा स्क्वायर में वामपंथी ग्रुप स्टैंडिंग टुगेदर के नेतृत्व में रैली हुई. प्रदर्शनकारी राबिन स्क्वायर की ओर मार्च करते रहे. वे नारे लगा रहे थे- ‘यहूदी और अरब दुश्मन नहीं बनेंगे’, ‘नस्लवाद नहीं, साझेदारी हाँ’ और ‘साझेदारी व बराबरी के साथ सरकार बदलेंगे’. कुछ नारे अरबी में भी लगे- ‘शांति, आजादी, सामाजिक न्याय.’ उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था- ‘बदलाव के लिए बहुमत है’ और ‘सभी के लिए समानता’. इसी दौरान एक छोटा दक्षिणपंथी प्रदर्शन भी हुआ जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए.

विदेशी सरकारों की मदद से चुनाव चुराया

वे चुनाव में धांधली की जांच की मांग कर रहे थे. लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विदेशी सरकारों की मदद से चुनाव चुराया है. दोनों समूहों के बीच कुछ बहस भी हुई. यरूशलम के पेरिस स्क्वायर और हाइफा के यूनेस्को स्क्वायर में भी यहूदी-अरब सरकार की मांग को लेकर छोटी रैलियां हुईं. 27 अक्टूबर को हुए नेसेट चुनावों में किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन ब्लॉक को 53 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्षी यहूदी पार्टियों को 48 और अरब पार्टियों को 19 सीटें हासिल हुई हैं.

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