PM Modi West Bengal Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम 4:15 बजे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं, जो आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के तेज़ अभियान का संकेत है.
रास मेला मैदान में सभा को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी भाजपा की ‘विजय संकल्प सभा’ को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में संबोधित करेंगे, जो हाल के वर्षों में एक मजबूत भगवा गढ़ के रूप में उभरे इस क्षेत्र में आक्रामक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत का संकेत है. साथ ही, एक महत्वपूर्ण चुनावी रणभूमि बना हुआ है. 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने वाले हैं. मतगणना 4 मई को होगी.
ये रैली पहली चुनावी सभा होगी PM Modi West Bengal Rally
रविवार की यह रैली चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद राज्य में प्रधानमंत्री मोदी की पहली चुनावी सभा होगी. यह चौथा अवसर होगा जब प्रधानमंत्री मोदी रास मेला मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे. इससे पहले वे 2019 के लोकसभा चुनाव, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यहां रैलियां कर चुके हैं.
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा आयोजित किए जाएंगे रोड शो
पार्टी नेताओं के अनुसार, इस रैली के बाद पूरे राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा जनसभाओं, रोड शो और संगठनात्मक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी. पार्टी निर्णायक जनादेश हासिल करने के लिए अंतिम चरण की तैयारी में जुटी है. प्रधानमंत्री ने आखिरी बार 14 मार्च को राज्य का दौरा किया था, जब उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली को संबोधित किया था. यह कार्यक्रम चुनावों से पहले भाजपा की राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ अभियान के समापन का प्रतीक था.
18,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का किया शिलान्यास
उस दौरे के दौरान मोदी ने लगभग 18,680 करोड़ रुपये की अवसंरचना और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया था. इनमें लगभग 16,990 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्य शामिल थे, जो 420 किलोमीटर से अधिक सड़कों को कवर करते हैं. इन पहलों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार, भीड़ को कम करना, यात्रा समय घटाना और पूर्वी भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी व आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है. चुनाव अभियान के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करते हुए रविवार की रैली से उत्तर बंगाल और उससे आगे भाजपा की रणनीति की दिशा तय होने की उम्मीद है.

