MLC Election: देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है. सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे. हालांकि, सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी हैं, जहां विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है. इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और समाजवादी पार्टी के लिए अहम सियासी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है.
चुनाव को निष्पक्ष और सुचारु तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों में मामूली टाइपिंग अथवा प्रिंटिंग की गलतियों के कारण किसी योग्य मतदाता को वोट डालने से नहीं रोका जाएगा. इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं.
UP में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में पांच स्नातक (MLC Election) निर्वाचन क्षेत्रों और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. स्नातक सीटों में आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी शामिल हैं. वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, काशी, आगरा, गोरखपुर-फैजाबाद, बरेली-मुरादाबाद और मेरठ की सीटों पर वोट डाले जाएंगे.
इन सीटों पर होने वाला मतदान राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनके संगठनात्मक प्रभाव और समर्थन के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.
लखनऊ में शराब की दुकानें बंद, मुरादाबाद के स्कूलों में छुट्टी MLC Election
मतदान के मद्देनजर लखनऊ में आज शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है. जिला प्रशासन ने शुष्क दिवस घोषित करते हुए शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश दिया है. यह प्रतिबंध संबंधित लाइसेंसधारकों और निर्धारित कैंटीनों पर भी लागू होगा.
दूसरी ओर, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान को देखते हुए मुरादाबाद जिले के नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को आदेश का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए हैं.
2027 से पहले BJP और SP के लिए अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश में इस चुनाव को लेकर BJP और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है. मतदान से पहले सपा ने आरोप लगाया है कि उसके समर्थक मतदाताओं को डराया जा रहा है और उन्हें वोट डालने से रोकने की कोशिश की जा रही है.
पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. सपा का कहना है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराया जाना चाहिए. इन आरोपों के बीच चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है.
बिहार में 8 सीटों पर मतदान, 150 उम्मीदवार मैदान में
बिहार में भी विधान परिषद की आठ सीटों के लिए आज वोटिंग हो रही है. इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है. इस चुनाव में 5.33 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं. पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला हो रहा है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल BJP और जदयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.
पटना स्नातक सीट पर मुकाबला बना चर्चा का विषय
बिहार की पटना स्नातक सीट पर खास राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है. जदयू के विधायक अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं. उनके इस रुख से जदयू उम्मीदवार नीरज सिंह के सामने चुनौती बढ़ने की चर्चा है. इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.
महाराष्ट्र की 5 सीटों पर 182 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदान हो रहा है. चुनाव में 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. राज्य में 10,68,072 मतदाता 2,419 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे. यहां सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच मुकाबला है. BJP ने नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारे हैं. वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर और शिवसेना अमरावती शिक्षक सीट पर चुनाव लड़ रही है.
कर्नाटक की 4 सीटों पर कांग्रेस और NDA आमने-सामने
कर्नाटक में विधान परिषद की चार (MLC Election) सीटों के लिए मतदान हो रहा है. इनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं. पिछले चुनाव में इन चार सीटों में से तीन पर BJP और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. इस बार कांग्रेस और NDA के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. ऐसे में चारों सीटों के नतीजे राज्य में राजनीतिक दलों की स्थिति के लिहाज से अहम होंगे.
चार राज्यों में हो रहे इस चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश का मुकाबला सबसे अधिक राजनीतिक महत्व रखता है. अब सबकी नजरें मतदान के बाद आने वाले नतीजों पर हैं, जो विभिन्न दलों के लिए आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.