West Bengal Elections: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दोपहर 1 बजे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक विशाल ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे. यह जनसभा इस महीने के अंत में होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद
राज्य भर में चुनाव प्रचार तेज होने के साथ ही पार्टी समर्थकों और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. यह जनसभा भाजपा के व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने एक ही दिन पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में तीन विशाल चुनावी रैलियों को संबोधित किया था. इन कार्यक्रमों के बाद उन्होंने शनिवार शाम को दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा में एक भव्य रोड शो में भाग लिया.
“मोदी-मोदी” और “जय श्री राम” के लगे नारे West Bengal Elections
जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला सड़कों से गुजरा, हजारों लोग सड़कों पर कतार बनाकर खड़े हो गए और उत्साहपूर्वक “मोदी-मोदी” और “जय श्री राम” के नारे लगाने लगे. समर्थकों की भारी भीड़ नेता की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी थी, जिससे माहौल उत्साह से भर गया था. शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी अपनी गाड़ी में ड्राइवर के बगल में आगे बैठे हुए भीड़ का अभिवादन करते दिखे. बाद में उन्होंने गाड़ी की खिड़की से बाहर झुककर समर्थकों का अभिवादन किया और अपने हाथों में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल का प्रतीक पकड़े हुए थे. प्रधानमंत्री के सीधे संवाद ने भीड़ में और भी जोश भर दिया, जिससे नारे और भी बुलंद और उत्साहपूर्ण हो गए.
बीजेपी ने एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले मतदाताओं को लामबंद करने के लिए 500 से अधिक रैलियों और जनसभाओं का आयोजन करते हुए एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है. पार्टी अपने शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ प्रमुख राज्य नेताओं को भी मैदान में उतार रही है, जिसे हाल के वर्षों में उसका सबसे आक्रामक चुनाव अभियान बताया जा रहा है.
प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने की योजना बनाई है
रैलियों के अलावा, भाजपा ने 15 अप्रैल से पोइला बैसाख के अवसर पर प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने की योजना बनाई है. प्रत्येक दिन पार्टी अपने घोषणापत्र के विशिष्ट पहलुओं पर प्रकाश डालेगी, जिसमें कल्याणकारी पहल, सांस्कृतिक पहचान और विकास एजेंडा, जिनमें कृषि सुधार, महिला सशक्तीकरण और अवसंरचना विकास शामिल होगा.

