Mary Millben: अमेरिकी सिंगर और लंबे समय से भारत की प्रशंसक मैरी मिलबेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणी पर कहा कि भारत जैसे मित्र देश के साथ अनावश्यक तनाव से बचना चाहिए. इसी बीच, मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे आगे बढ़ते रहें और भारत के सर्वोत्तम हित में सेवा करना जारी रखें.
Mary Millben ने किया पोस्ट
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे पता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते हैं, लेकिन दुख की बात है कि राष्ट्रपति ट्रंप को भारत के प्रति अपने रवैये के बारे में गलत सलाह दी जा रही है. मैं इस बारे में राष्ट्रपति के लिए प्रार्थना कर रही हूं.” भारत में विपक्ष की टिप्पणियों का जवाब देते हुए मैरी मिलबेन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप की हर टिप्पणी या धमकी का जवाब देने की जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ भारतीय लोगों को खुश करने की जरूरत है. वे लंबी अवधि की कूटनीति समझते हैं.
पीएम मोदी को सीनेटर लिंडसे ग्राहम पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं
मैरी मिलबेन ने कहा, “पीएम मोदी को सीनेटर लिंडसे ग्राहम जैसे लोगों पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है. वह हममें से कई लोगों के लिए अमेरिका में अप्रासंगिक है.” उन्होंने आगे लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी और दुनिया के कई नेताओं को पता है कि नवंबर के मध्यावधि चुनाव तक सिर्फ 10 महीने बचे हैं. और अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर कंट्रोल कर लेते हैं, जिसकी संभावना है क्योंकि रिपब्लिकन लगातार कांग्रेस से रिटायरमेंट की घोषणा कर रहे हैं, तो वैश्विक भू-राजनीति में एक बिल्कुल नई बातचीत शुरू होगी.” मैरी मिलबेन ने उम्मीद जताई कि डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस मध्यावधि चुनाव जीतने पर ध्यान देंगे और भारत जैसे दोस्तों के साथ बेवजह के तनाव से बचेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आप आगे बढ़ते रहें
अमेरिकी सिंगर ने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आप आगे बढ़ते रहें. आप भारत के सबसे अच्छे हित में काम करते रहें. आपको इसी काम के लिए चुना गया था.”
ट्रंप ने दी टैरिफ की धमकी
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिन एक बयान में फिर से टैरिफ की धमकी दी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि वाशिंगटन की नाराजगी के कारण भारत ने रूस से तेल खरीद में कटौती की है. ट्रंप के बयान के बाद भारत में कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.