Rajinikanth Controversy: फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता रजनीकांत ने मंगलवार को एक बयान जारी कर अपने फैंस, राजनेताओं और फिल्म इंडस्ट्री के सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. रजनीकांत ने एक ऑफिशियल लेटर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इस लेटर में उन्होंने अपने खिलाफ किए गए गलत कमेंट पर प्रतिक्रिया दी, साथ ही जीवन में मिले समर्थन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद भी कहा.
समय हमेशा सच्चाई को सामने लाता है
पत्र की शुरुआत में रजनीकांत ने लिखा, “टीवीके नेता आधव अर्जुन ने मेरे बारे में हाल ही में गलत कमेंट किया. इस तरह के बयान मेरे लिए नई बात नहीं हैं, लेकिन समय हमेशा सच्चाई को सामने लाता है. मैं उन सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने उनकी अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा की और मेरे समर्थन में अपनी आवाज उठाई.”
तमिलनाडु के कई प्रमुख नेताओं का नाम लिया Rajinikanth Controversy
रजनीकांत ने अपने पत्र में तमिलनाडु के कई प्रमुख नेताओं का नाम लिया और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, “तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता एडप्पादी पलानीस्वामी, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, तमिलनाडु के मंत्री रघुपति, थोल. थिरुमावलवन, एस.पी. वेलुमणि और मेरे दोस्त अन्नामलाई, अर्जुनमूर्ति, अंबुमणि रामदास, जी.के. वासन, जॉन पांडियन, पुगाझेंधी और विभिन्न पार्टियों के कई अन्य राजनीतिक नेता; मैं इन सभी को धन्यवाद देता हूं.”
फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया के साथियों का भी शुक्रिया किया
उन्होंने कहा, “मैं फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया के साथियों का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. सबसे बढ़कर मेरे प्रशंसकों का जिन्हें मैं देवताओं की तरह पूजता हूं. आप सबने मुझे संभाला और मेरा हौसला बढ़ाया है.” अपने पत्र में आखिर में रजनीकांत ने लिखा, ”समय बोलता नहीं है, बल्कि इंतजार करता है और जवाब देता है.”
आधव अर्जुन ने लगाया था ये आरोप
दरअसल, विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब आधव अर्जुन ने 12 मार्च को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि जब रजनीकांत ने राजनीति में प्रवेश करने का विचार किया था, तब द्रविड़ मुनेत्र कजगम (डीएमके) ने उन्हें धमकाया था. उन्हें राजनीति में आने से रोक दिया. इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई.

