समय की कमी से संगीतकार नहीं बन पा रही हैं श्रेया घोषाल, बोलीं-‘बहुत कठिन और मुश्किल है संघर्ष..!’

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Mumbai: जानी मानी सिंगर श्रेया घोषाल ने कहा है कि हर गायक के अंदर एक संगीतकार छिपा होता है. ये दो अलग-अलग रास्ते नहीं हो सकते, क्योंकि जब किसी गायक को कोई गाना दिया जाता है तो सभी संगीतकार उनसे उस गाने का पूरी तरह से पालन करने के लिए नहीं कहते हैं. दरअसल, श्रेया घोषाल संगीत रचना की दुनिया में कदम रखना चाहती है, लेकिन समय की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पा रही है.

संगीत और संगीतकार के विजन के बारे में बात

श्रेया घोषाल ने संगीत और संगीतकार के विजन के बारे में खुलकर बात की. गायक से संगीतकार बनने के संघर्षों पर बात करते हुए सिंगर ने कहा कि यह संघर्ष कठिन है, क्योंकि मैं लगातार ऐसा करती रहती हूँ. मैंने अपने द्वारा रचित कुछ सिंगल रिलीज़ किए हैं और मैंने ये अपने छोटे भाई के साथ मिलकर किया है. उन्होंने आगे कहा कि आप यह भी सोचते हैं कि मैं गाने में क्या जोड़ सकती हूँ जब आप माइक पर होते हैं, तो आप लगातार रचनात्मक होते हैं.

यह एक बहुत ही सहज प्रक्रिया

आप गाने में रंग भरते हैं, उसे किसी न किसी तरह से निखारते हैं या उसमें अपनी आत्मा डालते हैं. इस प्रक्रिया में आप कुछ रचनाएँ और कुछ विचार जोड़ देते हैं और यह एक बहुत ही सहज प्रक्रिया है. उन्होंने बताया कि अगर आप स्वतंत्र रूप से संगीत बना रहे हैं तो आपको इसमें काफी स्वतंत्रता मिलती है. फिल्मों के लिए कभी-कभी यह बहुत ही मुश्किल होता है लेकिन समय की कमी के कारण मैं खुद को इस प्रलोभन से बचाती हूँ.

मुझे फिर किसी एक को चुनना होगा

उन्होंने कहा कि मैं यह करना चाहती हूँ, लेकिन मुझे फिर किसी एक को चुनना होगा और मुझे लगता है कि मैं शायद एक संगीतकार के रूप में उतनी अच्छी नहीं हूँ. श्रेया घोषाल लता मंगेशकर और आशा भोंसले को अपना आदर्श मानती हैं और उन्हीं की तरह गायन में निपुण होने के सफर को ही पूरा करना चाहती हैं, लेकिन अगर उन्हें समय मिला तो वे संगीत रचना की कला में भी आगे जाकर जरूर हाथ आजमाएंगी.

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