टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी, लेकिन असली टारगेट थे सलमान खान! भाईजान के घर की रेकी के बाद क्यों बदला शूटर्स ने प्लान?

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है. इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया. अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले से पहले सलमान खान को निशाना बनाने की कथित योजना तैयार की गई थी.

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले सलमान खान के घर की रेकी की थी, लेकिन वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखकर उन्होंने अपनी योजना बदल दी. हालांकि, इस कथित साजिश के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

सलमान खान को निशाना बनाने की थी कथित योजना

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि जुहू में हुई गोलीबारी की घटना में सलमान खान कथित तौर पर हमलावरों का पहला निशाना थे. रिपोर्ट के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ को दूसरे विकल्प के तौर पर देखा गया था. सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी से पहले दोनों हमलावरों ने बांद्रा के बैंडस्टैंड इलाके में स्थित सलमान खान के घर की रेकी की थी. वहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी होने के कारण वे कथित तौर पर अपने इरादे को अंजाम नहीं दे सके. इसके बाद उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बनाई, जिसकी सुरक्षा अपेक्षाकृत कम हो.

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इसी दौरान टाइगर श्रॉफ का नाम सामने आया. हालांकि, सलमान खान को निशाना बनाने की कथित योजना और फायरिंग की घटना के बीच संबंधों की पुष्टि होना अभी बाकी है.

सोशल मीडिया से मिली थी टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या की जानकारी Tiger Shroff Firing Case 

रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों को सोशल मीडिया पर मौजूद पोस्ट के जरिए टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या के बारे में जानकारी मिली थी. कथित तौर पर उन्हें पता चला कि अभिनेता हर रविवार को जुहू स्थित पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने इस जानकारी के आधार पर अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी. आरोप है कि रविवार को जब टाइगर श्रॉफ की कार मैदान के गेट से बाहर निकली, तभी उस पर गोलियां चलाई गईं.

इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले की योजना किसने बनाई, आरोपियों को निर्देश कहां से मिले और वारदात में शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी.

 हमले के पीछे किसका हाथ होने का दावा?

मामले की जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर हमलावरों ने अपने एक सहयोगी को बताया था कि सलमान खान तक पहुंचना मुश्किल है. इसके बाद दूसरे निशाने पर विचार किया गया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और हमले के पीछे के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए पुलिस की जांच अहम है. किसी गैंग या व्यक्ति की जिम्मेदारी से जुड़े सोशल मीडिया दावों को भी आधिकारिक जांच के आधार पर ही परखा जाना चाहिए.

पुलिस की गिरफ्त में तीन आरोपी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. बताया गया है कि इनमें दो आरोपी हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है. गिरफ्तारी के बाद तीनों को मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया. उन्हें मंगलवार देर रात मुंबई लाया गया था.

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, फोन से मिली तस्वीरें और दूसरे रिकॉर्ड यह समझने में मदद कर सकते हैं कि आरोपियों ने किन जगहों की निगरानी की थी और वे किसके संपर्क में थे. जांच अधिकारियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि गोलीबारी का मकसद केवल डर पैदा करना था या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की योजना थी.

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया. पोस्ट में टाइगर श्रॉफ को कथित तौर पर पहले चेतावनी दिए जाने और फिर गोलीबारी के जरिए सबक सिखाने की बात कही गई थी.

पोस्ट में फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों को भी धमकी दी गई थी, जो कथित तौर पर उनकी बात नहीं मानते या सलमान खान के साथ काम करते हैं. हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित ऐसे संदेशों की प्रामाणिकता और उनके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की पुष्टि पुलिस जांच के जरिए ही की जा सकती है.

सलमान और बिश्नोई गैंग के बीच पुराना विवाद

सलमान खान और लॉरेंस (Tiger Shroff Firing Case) बिश्नोई गैंग के बीच तनाव का संबंध वर्ष 1998 में जोधपुर में फिल्म की शूटिंग के दौरान काले हिरण के कथित शिकार के मामले से जोड़ा जाता है. बिश्नोई समुदाय काले हिरण को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व देता है.

इसी विवाद के बाद सलमान खान को कई बार धमकियां मिलने की खबरें सामने आ चुकी हैं. अभिनेता की सुरक्षा को लेकर भी समय-समय पर चर्चा होती रही है. टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में सलमान खान के घर की कथित रेकी का पहलू सामने आने से जांच का दायरा बढ़ सकता है. हालांकि, दोनों घटनाक्रमों के बीच वास्तविक संबंध, हमले का मकसद और आरोपियों को मिले निर्देशों से जुड़े सवालों का जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मिल पाएगा. 

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