अब AIIMS Jammu में भी होगा आंखों के कैंसर का इलाज, AIIMS New Delhi के बाद राज्य में नई सुविधा की शुरूआत

Jammu and Kashmir: दिल्ली के बाद अब जम्मू एम्स में भी मरीजों के आंखों के कैंसर का इलाज होगा. अभी तक आंखों के कैंसर के उन्नत उपचार की सुविधा मुख्य रूप से एम्स नई दिल्ली में उपलब्ध है. इस कारण जम्मू-कश्मीर के मरीजों को जांच और इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. AIIMS Jammu में यह सेवा शुरू होने से मरीजों को समय पर निदान और इलाज मिलेगा. जम्मू-कश्मीर के मरीजों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है.

उन्नत इलाज की सुविधा जल्द शुरू

एम्स जम्मू में आंखों के कैंसर (ऑक्यूलर ऑन्कोलॉजी) के उन्नत इलाज की सुविधा जल्द शुरू होने जा रही है. इसके लिए संस्थान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर विशेषज्ञों ने प्लाक ब्रैकीथेरेपी प्रोग्राम की स्थापना, तकनीकी जरूरतों, लाइसैंसिंग और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत मंथन किया. इस सुविधा के शुरू होने से अब क्षेत्र के मरीजों को विशेष इलाज के लिए दिल्ली या अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

विशेषीकृत कैंसर सेवाओं का विस्तार बड़ी जरूरत

कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक एवं सी.ई.ओ. प्रो. (डॉ.) डी.एन. शर्मा ने किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विशेषीकृत कैंसर सेवाओं का विस्तार समय की बड़ी जरूरत है. डीन अकादमिक्स प्रो. (डॉ.) मीता गुप्ता ने इसे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाली अहम पहल बताया. प्रो. (डॉ.) शबाब ललित अंगुराना, विभागाध्यक्ष रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ने बताया कि विभाग बढ़ती क्लीनिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है.

मंजूरी और रेडिएशन सुरक्षा मानकों का पालन चुनौती

आंखों के कैंसर के इलाज की यह एक उन्नत तकनीक है, जिसमें रेडियोएक्टिव प्लेट (प्लाक) को प्रभावित हिस्से के पास लगाया जाता है. इससे कैंसर कोशिकाओं पर सीधे विकिरण डाला जाता है और आस-पास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है. संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताया कि इस सेवा को शुरू करने में एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड से मंजूरी और रेडिएशन सुरक्षा मानकों का पालन सबसे बड़ी चुनौती है. साथ ही नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और मैडिकल फिजिसिस्ट के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी है.

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