Clove Benefits: लौंग भले ही आकार में छोटी होती है, लेकिन भारतीय रसोई में इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. चाय से लेकर सब्जियों तक, यह खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ कई घरेलू नुस्खों में भी इस्तेमाल होती है. सर्दी-जुकाम या दांत में दर्द होने पर भी लोग अक्सर लौंग का सहारा लेते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च में भी लौंग में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्वों के संभावित फायदों पर अध्ययन किया गया है. लौंग में यूजेनॉल, फ्लेवोनॉयड्स और अन्य पौधों से मिलने वाले रसायन पाए जाते हैं. इन्हीं तत्वों की वजह से लौंग को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मसालों में शामिल किया जाता है. हालांकि, लौंग को किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है.
दांत के दर्द में मिल सकती है राहत
लौंग का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दांत के दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता है. इसमें मौजूद यूजेनॉल दर्द को कुछ समय के लिए कम करने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि दांतों के इलाज में भी यूजेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है. हल्का दांत दर्द होने पर कुछ लोग लौंग को दर्द वाले दांत के पास रखने का घरेलू तरीका अपनाते हैं. इससे कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है. लेकिन अगर दर्द ज्यादा हो, मसूड़ों में सूजन हो या दांत में इंफेक्शन है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.
मुंह की सफाई में भी फायदेमंद
लौंग में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो कुछ तरह के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं. खाना खाने के बाद एक लौंग चबाने से मुंह में ताजगी महसूस हो सकती है. हालांकि, लौंग चबाना दांतों की सफाई का विकल्प नहीं है. नियमित ब्रश करना और दांतों की सही देखभाल जरूरी है.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है लौंग
लौंग में एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. हमारे शरीर में कुछ ऐसे कण बनते हैं, जो अधिक मात्रा में होने पर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एंटीऑक्सीडेंट इनसे शरीर को बचाने में मदद करते हैं. लौंग में मौजूद यूजेनॉल और अन्य प्राकृतिक तत्व भी इस प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं. इसी वजह से लौंग को एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले मसालों में गिना जाता है.
सूजन कम करने वाले गुण
लौंग में सूजन कम करने वाले गुण भी पाए गए हैं. चोट या शरीर में किसी तरह की परेशानी के कारण सूजन होना आम बात है. रिसर्च में लौंग के कुछ तत्वों ने उन प्रक्रियाओं को कम करने की क्षमता दिखाई है, जिनसे शरीर में सूजन होती है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि किसी बीमारी या ज्यादा सूजन का इलाज केवल लौंग से किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
ब्लड शुगर को लेकर क्या कहती है रिसर्च?
लौंग और ब्लड शुगर के बीच संबंध को लेकर भी वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है. एक रिसर्च में 13 स्वस्थ और प्री-डायबिटिक लोगों को 30 दिनों तक रोजाना 250 मिलीग्राम पानी में घुलने वाला लौंग का पॉलीफेनॉल एक्सट्रैक्ट दिया गया. रिसर्च में खाने से पहले और खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज में कमी देखने को मिली. लेकिन इस अध्ययन में लोगों की संख्या बहुत कम थी और इसमें सामान्य लौंग के बजाय एक खास एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल किया गया था. इसलिए इसे डायबिटीज की दवा या इलाज नहीं माना जा सकता.
बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में भी मदद
लौंग में कुछ ऐसे प्राकृतिक गुण भी पाए गए हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मदद कर सकते हैं. इसी वजह से इसके विभिन्न तत्वों पर वैज्ञानिक स्तर पर भी अध्ययन किया गया है.
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