Health Tips: ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर इमरजेंसी मानी गई है. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसी स्थिति तब आती है, जब मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और खून पहुंचाने वाली नसें फट जाती हैं या उनमें रुकावट आ जाती है. स्ट्रोक अचानक आने वाली आपदा नहीं है बल्कि शरीर हफ्तों पहले से इसके चेतावनी संकेत देने लगता है. विशेषज्ञों के अनुसार स्ट्रोक के पांच प्रमुख चेतावनी संकेत मिलते हैं.
असामान्य और असहनीय सिरदर्द
पहली बात यह है कि असामान्य और असहनीय सिरदर्द होता है. सबसे अहम है कि यह सामान्य माइग्रेन या तनाव वाले सिरदर्द से अलग होता है. यह अचानक शुरू होता है बहुत तेज होता है और दवाओं से भी ठीक नहीं होता. इसके साथ चक्कर आना या धुंधला दिखना दिमाग में ब्लीडिंग या बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है.
शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी
दूसरी वजह शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन या कमजोरी होती है. अचानक चेहरे, हाथ या पैर का सुन्न हो जाना, खासकर शरीर के केवल एक तरफ स्ट्रोक का सबसे बड़ा लक्षण है. अगर यह कमजोरी कुछ मिनटों के लिए आकर ठीक भी हो जाए तो इसे मिनी स्ट्रोक मानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
बोलने और समझने में अचानक दिक्कत
तीसरी बात यह कि बोलने और समझने में अचानक दिक्कत आती है. आपको शब्द बोलने में लड़खड़ाहट हो रही है? या आप दूसरों की आसान बातें समझने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं? यह दिमाग के उस हिस्से पर असर का संकेत है जो भाषा को नियंत्रित करता है.
आंखों की रोशनी में बदलाव
चौथी बात यह है कि आंखों की रोशनी में बदलाव आने लगता है. अचानक धुंधला दिखना, एक आंख से कम दिखना या सब कुछ डबल नजर आना स्ट्रोक की आहट हो सकती है. इसे अक्सर लोग आंखों की थकान समझ लेते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है.
संतुलन खोना और चक्कर आना
सबसे अंतिम और मुख्य लक्षण संतुलन खोना और चक्कर आना होता है. बिना किसी कारण के सिर घूमना, चलने में लड़खड़ाहट या शरीर का बैलेंस बिगड़ना इस बात का संकेत है कि दिमाग के संतुलन बनाने वाले हिस्से में खून की सप्लाई बाधित हो रही है. डॉक्टरों का मानना है कि 80% स्ट्रोक के मामलों को सही जीवनशैली से रोका जा सकता है. हाई बीपी स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है.
नसों को कमजोर कर देता है धूम्रपान
नियमित जांच कराएं और नमक का सेवन कम करें. दिन में कम से कम 30 मिनट की सैर, योग या कसरत नसों को स्वस्थ रखती है और ब्लड फ्लो बेहतर करती है. धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन नसों को कमजोर कर देता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. फल, हरी सब्जियां और कम फैट वाला खाना दिमाग को सुरक्षित रखने में मदद करता है.
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