फास्ट फूड खाने से विदेशी क्यों नही होते मोटे? एक्सपर्ट ने किया खुलासा

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Fast Food : आज कल के लोगों में बर्गर-पिज्जा का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है और लोग काफी पसंद भी करते हैं. ऐसे में सवाल यह ये उठता है कि भारत में फास्ट फूड खाते ही लोगों को मोटापा और बीमारियां क्‍यों घेर लेती है ऐसे में विदेशी रोज-रोज पिज्जा-बर्गर खाकर भी फिट कैसे रहते हैं. ऐस क्‍या होता है उनके फूड में फास्‍ट फूड से भी वे फिट रहते हैं. इस दौरान आज हम आपको बताएंगे कि अंग्रेज रोज पिज्जा खाने के बाद भी मोटे क्यों नहीं होते.

फास्टफूड से बढ़ता है खतरा

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार बर्गर और पिज्जा जैसे फास्ट फूड में ट्रांस फैट, ज्‍यादा नमक चीनी और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं. जो हमारे शरीर के काफी प्रभावित करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ते हैं और इन बीमारियों जैसे- मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट डिजीज के साथ और भी कई अन्‍य समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इतना ही नही बल्कि इनका स्किन और बालों पर भी इनका बुरा असर पड़ता है.

विदेशियों पर नहीं होता असर

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार भारत में फास्ट फूड खाने से अक्सर लोगों की सेहत बिगड़ जाती है, लेकिन विदेशी लोगों के रोज खाने के बाद भी वे फिट रहते है. इसके पीछे के कई कारण बताए जाते है.

बनाने का तरीका होता है अलग

डॉ. के अनुसार हमारे भारत देश से विदेश में काफी अलग तरीके बर्गर पिज्‍जा बनाए जाते है. बता दें कि वहां का पिज्जा बेस हल्का होता है, इसके साथ ही इसे बनाने के लिए सब्जियों की भरपूर मात्रा डाली जाती है. मतलब उसमें न्यूट्रिशंस का भी ख्याल रखा जाता है.

डाइट में बैलेंस

विदेश के लोग सिर्फ फास्‍ट फूड नहीं खाते, क्‍योंकि एक दिन बर्गर पिज्‍जा खाने के बाद अगले दिन वे अपने खाने में हेल्दी फूड जैसे चिकन सलाद या सब्जियां शामिल कर लेते हैं. ऐसे में इनकी डाइट बैलेंस रहती है और शरीर को भी कोई नुकसान नही पहुंचता.

फिटनेस पर फोकस

इसके साथ ही ज्‍यादातर विदेशी लोग अपने शरीर का भी उतना ही ध्यान रखते हैं. जिम, स्विमिंग, वॉक और साइकलिंग उनकेी दिनचर्या का हिस्सा होता है. क्‍योंकि जितनी कैलोरी फास्ट फूड से लेते हैं उतनी ही एक्सरसाइज से बर्न भी कर लेते हैं. जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा होता है.

ऐसे खान-पान के आदी होते है विदेशी

जानकारी के मुताबिक, हर देश का खान-पान और जलवायु हर देश से अलग होती है. काफी समय से विदेशियों का शरीर ऐसे फूड के का आदी हो चुका है. लेकिन भारतीय इस प्रकार के बने फारूट फूड मैदे और प्रोसेस्ड चीजों को इतनी आसानी से पचा नहीं पाते. यही कारण है कि भारतीयों में इसके नुकसान के लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं.

इसलिए होती है खतरनाक

जानकारी देते हुए बता दें कि भारतीय पिज्जा और बर्गर में इस्तेमाल होने वाला मैदा ब्लीचिंग एजेंट और केमिकल्स से तैयार किया जाता है, जिसमें पेाषण की कोई गुजाइश नही होती और बार-बार मैदे वाला पिज्जा खाने से वजन बढ़ने के साथ गैस ब्लोटिंग और पाचन की समस्याएं शुरू हो जाती है.

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