मेडिकल रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी बना रहता है सिरदर्द, जानें क्या है इसकी वजह?

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Headaches Causes : आज के दौर में बहुत से लोग एक अजीब समस्या से गुजर रहे हैं. इस समस्या में लोग बार-बार सिरदर्द से परेशान रहते हैं, लेकिन डॉक्टर के पास जाते हैं तो सभी टेस्ट बिल्कुल सामान्य आती हैं. ऐसे में मन में सवाल उठता है कि जब सब कुछ ठीक है, तो दर्द क्यों हो रहा है. बता दें कि यह समस्या न सिर्फ शारीरिक रूप से परेशान करती है, बल्कि मानसिक रूप से भी कंफ्यूजन पैदा करती है. ऐसे में व्यक्ति सोचने लगता है कि शायद समस्या गंभीर नहीं है, लेकिन बार-बार होने वाला सिरदर्द रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगता है.

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे सिरदर्द का कारण कोई बड़ी बीमारी नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतें होती हैं. इसे फंक्शनल समस्या भी कहा जाता है, इसका मतलब है शरीर के काम करने के तरीके में गड़बड़ी है, न कि किसी स्ट्रक्चरल बीमारी में, बता दें कि इस समस्या का कारण दिमाग में कोई चोट या ट्यूमर नहीं है, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल रही है.

सिरदर्द के छिपे कारण

  1. तनाव –आज के समय की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव बहुत आम हो गया है. जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो सिर और गर्दन की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं. लेकिन लगातार रहने वाला सिरदर्द होता है, जिसे टेंशन हेडेक कहा जाता है.
  2. गलत बैठने का तरीका-इसके साथ ही लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर बैठना गर्दन और कंधों पर दबाव डालता है. साथ ही यह दबाव धीरे-धीरे सिर तक पहुंचता है और दर्द का कारण बनता है.
  3. ज्यादा स्क्रीन देखना –इतना ही नही बल्कि घंटों स्क्रीन देखने से आंखों पर जोर पड़ता है. कम पलक झपकाना और लगातार फोकस करने से आंखों में थकान होती है, जो कि सिरदर्द में बदल जाती है.
  4. समय पर खाना न खाना –साथ ही अगर आप अक्सर खाना छोड़ देते हैं या देर से खाते हैं, तो ब्लड शुगर कम हो जाती है. जिसकी वजह से कमजोरी, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द शुरू हो सकता है.
  5. नींद की कमी या ज्यादा नींद –बता दें कि नींद का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है. कम सोना, बार-बार नींद टूटना या बहुत ज्यादा सोना, ये सभी सिरदर्द को बढ़ा सकते हैं.

रिपोर्ट नॉर्मल होने का मतलब

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार ज्यादातर मेडिकल टेस्ट सिर्फ बड़ी बीमारियों का पता लगाने के लिए होते हैं, जैसे ट्यूमर, इंफेक्शन, न्यूरोलॉजिकल बीमारी. लेकिन ये टेस्ट यह नहीं बता सकते कि आप कितनी देर तक एक ही जगह बैठे रहते हैं, कितना पानी पीते हैं, कितना तनाव लेते हैं, आपकी नींद और खाने का पैटर्न कैसा है. यही कारण है कि रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद भी समस्या बनी रहती है.

सिरदर्द कम करने के लिए करें ये उपाय 

इस दौरान ऐसे सिरदर्द को बिना भारी दवाइयों के भी काफी हद तक ठीक किया जा सकता है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्की डिहाइड्रेशन भी सिरदर्द का कारण बन सकती है. इसके अलावा सही पोस्चर रखें. सीधे बैठें, स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें और हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक लें. दिन में 3 से 4 बार बैलेंस डाइट लें, खाना स्किप न करें. हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें.

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