रिसर्च में बड़ा दावा: मधुमक्खी के ज़हर से सिर्फ 60 मिनट में खत्म हुए ब्रेस्ट कैंसर के सेल्स

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Health Tips: ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) दुनियाभर में महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है. इसके कई प्रकार बेहद आक्रामक होते हैं, जिनका इलाज आसान नहीं होता. ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं असामान्य रूप से अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं. ये कोशिकाएं मिलकर एक गांठ या ट्यूमर बना लेती हैं. समय के साथ ये घातक कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती हैं. हालांकि ब्रेस्ट कैंसर का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है लेकिन ये जोखिम कारक इसे बढ़ा सकते हैं.

एक ऐसी ही रिसर्च साझा

वहीं हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी ही रिसर्च साझा की है, जिसमें दावा किया गया है कि मधुमक्खी के ज़हर यानी Honey Bee Venom ने लैब में Breast Cancer Cells को सिर्फ 60 मिनट के भीतर खत्म कर दिया. इस खोज ने मेडिकल दुनिया में नई चर्चा शुरू कर दी है. हालांकि यह रिसर्च अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके नतीजों ने कैंसर के इलाज को लेकर लोगों की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है. मधुमक्खी के ज़हर को Bee Venom कहा जाता है. इसमें कई तरह के प्राकृतिक कंपाउंड पाए जाते हैं.

अलग-अलग बीमारियों को लेकर अध्ययन

इनमें सबसे खास तत्व Melittin माना जाता है, जो कोशिकाओं पर तेज असर डालने के लिए जाना जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यही तत्व कैंसर सेल्स की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाने में मदद कर सकता है. इसी वजह से रिसर्चर्स लंबे समय से Bee Venom पर अलग-अलग बीमारियों को लेकर अध्ययन कर रहे हैं. नई रिसर्च के मुताबिक, लैब में किए गए परीक्षणों के दौरान Bee Venom ने आक्रामक Breast Cancer Cells को तेजी से नष्ट कर दिया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह असर एक घंटे से भी कम समय में देखने को मिला.

स्वस्थ कोशिकाओं पर इसका असर कम

सबसे खास बात यह रही कि इस दौरान स्वस्थ कोशिकाओं पर इसका असर अपेक्षाकृत कम देखा गया. हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि यह रिसर्च अभी शुरुआती चरण में है और इसे सीधे इलाज मानना जल्दबाजी होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आगे के ट्रायल्स में भी इसी तरह के नतीजे मिलते हैं, तो यह खोज कैंसर थेरेपी के नए रास्ते खोल सकती है. वैज्ञानिक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि Bee Venom के कौन से तत्व कैंसर सेल्स को खत्म करने में सबसे ज्यादा असरदार हैं.

नई दवाएं या ट्रीटमेंट तैयार करने की दिशा में काम

रिसर्चर्स भविष्य में इन्हीं तत्वों के आधार पर नई दवाएं या ट्रीटमेंट तैयार करने की दिशा में काम कर सकते हैं. हालांकि फिलहाल यह रिसर्च केवल लैब तक सीमित है और इंसानों पर बड़े स्तर पर परीक्षण अभी बाकी हैं. डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग इस खबर को सुनकर खुद से Bee Venom या मधुमक्खी से जुड़े किसी घरेलू प्रयोग की कोशिश बिल्कुल न करें. मधुमक्खी का ज़हर कई लोगों में गंभीर एलर्जी और खतरनाक रिएक्शन भी पैदा कर सकता है. इसलिए बिना मेडिकल सलाह के इसका इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है.

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