स्मोकिंग का खतरनाक ट्रेंड बन रहा जानलेवा: गांजा-तंबाकू से सिकुड़ सकता है दिमाग, रिसर्च में खुलासा

Health Tips: आजकल युवाओं के बीच गांजा और तंबाकू का सेवन एक फैशन बनता जा रहा है. जिसे समाज ने नॉर्मल मान लिया गया है, वह असल में दिमाग को अंदर से खोखला कर रहा है. आंकड़े बताते हैं कि इन नशीले पदार्थों का जाल कितनी तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है. हाल ही में ‘Addiction’ द्वारा पब्लिश की गई रिसर्च में एक चौंकाने वाली चेतावनी दी है कि स्मोकिंग की लत आपके दिमाग के साइज को छोटा कर सकती है.

तंबाकू की स्थिति और भी भयावह

दुनिया के लगभग 23 करोड़ लोग गांजा का सेवन कर रहे हैं. यह वैश्विक आबादी का करीब 4.4% हिस्सा है. तंबाकू की स्थिति और भी भयावह है. दुनिया की 30% आबादी तंबाकू की गिरफ्त में है. हर साल यह करीब 80 लाख मौतों का जिम्मेदार बनता है, जिससे सबसे ज्यादा गरीब वर्ग प्रभावित होता है. वैज्ञानिकों ने इस स्टडी में दिमाग की बनावट और नशीले पदार्थों के संबंध की जांच की. रिसर्च में कुछ गंभीर बातें सामने आईं.

दिमाग के कई हिस्सों का साइज छोटा

तंबाकू का सेवन करने वालों के दिमाग में ग्रे मैटर की कमी पाई गई. इसका मतलब है कि दिमाग के कई हिस्सों का साइज छोटा हो जाता है. रिसर्च के अनुसार, तंबाकू मस्तिष्क के उन हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है जो हमारी याददाश्त और इमोशंस (भावनाओं) को कंट्रोल करते हैं. कुछ मामलों में गांजे के सेवन से दिमाग के ‘अमिगडाला’ हिस्से का साइज छोटा पाया गया, हालांकि इसके सबूत तंबाकू जितने स्पष्ट नहीं थे.

मिले-जुले असर पर अभी और रिसर्च की जरूरत

तंबाकू शरीर में सूजन को बढ़ाता है, जो दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है. यह अपनी तरह की पहली ऐसी रिसर्च है जिसने सीधे तौर पर नशे को दिमागी आकार से जोड़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि गांजे और तंबाकू के मिले-जुले असर पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, लेकिन उपलब्ध डेटा यह साफ बताता है कि यह धुआं आपकी सोचने-समझने की शक्ति को स्थायी रूप से खत्म कर सकता है.

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