Health Tips: सेहतमंद रहने के लिए डाइट में जरूर शामिल करें फाइबर वाली चीजें, जानें फल, सब्जियां और दाल खाने के फायदे

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Health Tips: सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ पेट भरकर खाना ही काफी नहीं है. शरीर को सही पोषण देने के लिए डाइट का संतुलित और पौष्टिक होना भी उतना ही जरूरी है. हमारी रोजाना की थाली में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना हेल्दी ईटिंग प्लान का अहम हिस्सा माना जाता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने के साथ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है.

एक वयस्क को रोजाना करीब 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है. ऐसे में फल, हरी और दूसरी सब्जियां, दालें, फलियां और साबुत अनाज जैसी चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है. नेशनल हेल्थ मिशन, उत्तर प्रदेश ने भी रोजाना के भोजन में फाइबर वाली चीजों को शामिल करने की सलाह दी है.

फाइबर वाली चीजें क्यों जरूरी हैं?

फाइबर शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है. यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद करता है. इसके अलावा फाइबर युक्त भोजन खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है. इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है और वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है.

फल हैं फाइबर का अच्छा स्रोत

फलों में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर पाया जाता है. इन्हें नियमित डाइट में शामिल करने से पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. फाइबर मल को सामान्य रखने और कब्ज जैसी परेशानी से बचाव में भी सहायक होता है. फल खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार स्नैकिंग से बचने में मदद मिलती है.

थाली में सब्जियों को दें जगह

रोजाना की थाली में सब्जियों को शामिल करना भी जरूरी है. सब्जियों में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद करता है. फाइबर भोजन के बाद ब्लड शुगर में तेजी से होने वाली बढ़ोतरी को धीमा करने में मदद कर सकता है. इसके साथ ही यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में भी मदद करता है.

दालों से मिलेगा फाइबर और प्रोटीन

दालें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर का भी अच्छा स्रोत हैं. इनमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार का फाइबर पाया जाता है, जो पाचन और नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है. दालों में आमतौर पर कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले विकल्प भी शामिल होते हैं, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है. दाल और अन्य फलियों से शरीर को प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के अलावा आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं. यही वजह है कि इन्हें संतुलित डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है.

साबुत अनाज भी है जरूरी

फाइबर से भरपूर डाइट में साबुत अनाज को भी शामिल किया जा सकता है. साबुत अनाज में फाइबर के साथ विटामिन-B, आयरन, मैग्नीशियम और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण और ऊर्जा प्राप्त करने में मदद मिलती है.

सलाद को न करें नजरअंदाज

खाने के साथ सलाद लेना भी फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है. कच्ची सब्जियों और अन्य फाइबर युक्त सलाद में मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हो सकते हैं और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकते हैं. इसलिए रोजाना की डाइट में फल, सब्जियां, दालें, फलियां, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में शामिल करना सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है.

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