Health Tips: घर में बना खाना जहां शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है, वहीं बाहर का खाना शरीर को सुस्ती और आलस से भर देता है. हालांकि आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग समय की कमी होने के वजह से ज्यादातर बाहर का ही खाना खाना आसान मानते है. लेकिन क्या आपने कभी महसूस किया है जब भी आप बाहर का खाना खाते है तो आपको प्यास ज्यादा लगती है और बार बार आपकों पानी पीने का मन करता है.?
दरअसल, घर के बने खाने और बाहर के बने खाने में मसाले से लेकर तेल तक का बड़ा फर्क होता है और यही वजह है कि बाहर का खाना पौष्टिक नहीं, जहर की तरह काम करता है. तो चलिए आज हम आपको बताएंगे कि बाहर का खाना खाने के बाद ज्यादा प्यास क्यों लगती है.
क्या है ज्यादा प्यास लगने का कारण?
घर में अगर चार रोटी और एक कटोरी सब्जी भी खा लें तब भी उतनी प्यास नहीं लगती जितनी बाहर की 2 रोटी खाने से लग जाती है, और पीछे का कारण है सोडियम. घर के खाने की तुलना में बाहर के खाने में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है और तेल भी ज्यादा होता है. बाहर के खाने में प्रोसेस्ड आटे और उसमें स्वाद को बढ़ाने के लिए नमक का इस्तेमाल किया जाता है. शरीर में ज्यादा नमक होने से फ्लुइड्स का बैलेंस बिगड़ जाता है और इसे ठीक करने के लिए शरीर ज्यादा से ज्यादा पानी का इस्तेमाल करता है. कोशिकाएं दिमाग को संकेत देती हैं कि और पानी की जरूरत है. यही कारण है कि बार-बार प्यास लगने लगती है.
भारी खाना भी हो सकती है प्यास लगने की वजह
दूसरा कारण है भारी मात्रा में खाना. भारी भोजन को बचाने में शरीर को साधारण भोजन को पचाने से ज्यादा मेहनत लगती है. साथ ही अगर आपने तेल वाला या फिर प्रोटीन युक्त आहार लिया है तो इस प्रक्रिया में भी पेट को प्रोटीन को तोड़ने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इसके लिए पानी की मात्रा भी शरीर को अधिक चाहिए होती है. घर पर भी जब तेल से बने पूड़ी या पकौड़ों का सेवन करते हैं, तब भी दिन भर प्यास लगती है और पेट भरा-भरा महसूस होता है.
प्यास को कैसे करें शांत?
बार-बार प्यास लगने पर सिर्फ सादा पानी कारगर नहीं है. प्यास को शांत करने के लिए छाछ का इस्तेमाल बहुत लाभकारी रहता है क्योंकि ये न सिर्फ प्यास को बुझाता है, बल्कि पाचन में सहायक है. अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हो तो सिर्फ पानी नहीं, छाछ का भी सेवन करें.
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