केरल में निपाह वायरस की दस्तक के बाद तमिलनाडु सरकार अलर्ट, लोगों से की ये अपील

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nipah Virus: केरल के पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में निपाह वायरस के संक्रमण की खबरों के बाद, तमिलनाडु लोक स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा निदेशालय ने जनता को आश्वस्त किया है कि घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि चिकित्सा दल किसी भी संदिग्ध मामले पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं.

जिलों में चिकित्सा दल किए गए हैं तैनात

शनिवार को एक (Nipah Virus) आधिकारिक विज्ञप्ति में, विभाग ने कहा कि तमिलनाडु में अभी तक निपाह का कोई मामला सामने नहीं आया है और किसी भी संभावित प्रकोप को रोकने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. केरल की सीमा से लगे जिलों में चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं और किसी भी संदिग्ध मामले की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए हाई अलर्ट पर हैं. निदेशालय ने निवासियों से शांत लेकिन सतर्क रहने और बुनियादी स्वच्छता एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है.

निपाह वायरस के लक्षण

जनता को निपाह वायरस से जुड़े लक्षणों पर नजर रखने की सलाह दी गई है, जिनमें बुखार, सिरदर्द, उल्टी, भ्रम, सांस लेने में तकलीफ, दौरे और यहां तक कि बेहोशी भी शामिल है. जिन लोगों में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, खासकर वे जो हाल ही में केरल के प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा कर चुके हैं या किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, उन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है. संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए, निवासियों को बिना धुले या गिरे हुए फल खाने से बचने, खाने से पहले फलों को अच्छी तरह से धोने और साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोकर हाथों की उचित स्वच्छता बनाए रखने की भी सलाह दी गई है.

स्थिति पर कड़ी नजर रखने के दिए गए निर्देश

तमिलनाडु के जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके संबंधित क्षेत्रों में सभी निवारक उपायों का सख्ती से पालन किया जाए. निपाह वायरस एक जूनोटिक रोग है, अर्थात यह जानवरों से मनुष्यों में फैलता है. फल और चमगादड़ इस वायरस के प्राथमिक वाहक माने जाते हैं, और मनुष्यों में संक्रमण अक्सर चमगादड़-दूषित फलों के संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्तियों या जानवरों, जैसे सूअरों, के निकट संपर्क के माध्यम से होता है. तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वह केरल में स्थिति पर कड़ी नजर रखता रहेगा. नागरिकों से अफवाह न फैलाने और सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करने का आग्रह किया गया है.

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