Digital Detox: मोबाइल फोन आधुनिक जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है और तकनीकी प्रगति का प्रतीक भी है. हालांकि, इसकी बढ़ती लत अब बच्चों से लेकर बड़ों तक की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है.
समय-समय पर Digital Detox करना है जरूरी
आज स्थिति यह है कि मोबाइल का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में इतना शामिल हो गया है कि अक्सर हमें यह भी एहसास नहीं होता कि हम दिन का कितना समय स्क्रीन के सामने बिता चुके हैं. लगातार मोबाइल इस्तेमाल की आदत धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की समस्याओं को जन्म देने लगती है. इसलिए तन और मन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए समय-समय पर डिजिटल डिटॉक्स करना बेहद जरूरी हो जाता है.
शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है मोबाइल की लत
दरअसल, मोबाइल की लत केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है. लंबे समय तक फोन के इस्तेमाल से नींद न आने की समस्या, कंधों और गर्दन में दर्द, मोटापा, आंखों में जलन या कमजोरी, सिरदर्द, एकाग्रता में कमी, तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसके अलावा व्यक्ति सामाजिक रूप से भी अलग-थलग पड़ने लगता है.
शरीर तथा मन को ऐसे बनाएं स्वस्थ
ऐसी स्थिति में आयुर्वेदिक डिजिटल डिटॉक्स को अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और शरीर तथा मन दोनों को फिर से संतुलित और स्वस्थ बनाया जा सकता है. इसके माध्यम से तन और मन को प्राकृतिक तरीके से संतुलित और स्वस्थ बनाया जा सकता है. यह प्रक्रिया मन, आंखों और नसों को आराम देने के साथ-साथ उन्हें मजबूती भी प्रदान करती है. डिजिटल डिटॉक्स अपनाने से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और शरीर में वात की प्रवृत्ति को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करें
सबसे पहले दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करें. इसके बाद कंधे और गर्दन को मोड़ें और नेत्र का योग करें. इसके साथ ही सुबह की सैर मन और तन दोनों के लिए आवश्यक है. मन को शांत करने के लिए गहरी सांस लें और वीकेंड पर बिना फोन के पूरा दिन निकालने की कोशिश करें. पहले इसमें थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी आदत पड़ जाएगी. मन को तनाव और चिंता से बचाने के लिए जुम्बा और डांस कर सकते हैं. इससे शरीर भी गतिशील रहेगा और मन भी खुश रहेगा.
आहार में परिवर्तन लाना भी जरूरी
शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए आहार में परिवर्तन लाना भी जरूरी है. इसके लिए आहार में आंवला, शहद, घी, त्रिफला, नारियल पानी, बादाम, अश्वगंधा, हल्दी वाला दूध, और तुलसी चाय शामिल करें. आंवला मस्तिष्क और आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करेगा, जबकि त्रिफला पाचन अग्नि को तेज कर खाना पचाने में मदद करेगा. वहीं घी तंत्रिका तंत्र को मजबूत करेगा और मस्तिष्क को भी शक्ति प्रदान करेगा.
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