Aaj Ka Mausam 3 July 2026: कई हफ्तों तक उमस, चिपचिपी गर्मी और झुलसाने वाले तापमान से परेशान लोगों को आखिरकार मानसून ने बड़ी राहत देनी शुरू कर दी है. दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है और गुरुवार देर रात इसने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी दस्तक दे दी. मानसून के पहुंचते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदला और तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई. जून की भीषण गर्मी झेल चुके उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए जुलाई की शुरुआत राहत लेकर आई है.
लेकिन मानसून की यह तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है. कहीं बारिश की फुहारों ने गर्मी से राहत दी है तो कहीं यही बारिश जानलेवा बनती जा रही है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम सुहावना हुआ है, जबकि मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खुले मैनहोल, जलभराव और पानी में करंट उतरने जैसी घटनियां जान ले रही हैं. दूसरी ओर, मौसम विभाग ने देश के 15 राज्यों में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की है.
सबसे चौंकाने वाली स्थिति पूर्वोत्तर से सामने आई है. दुनिया में अत्यधिक वार्षिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध मेघालय इस बार गंभीर बारिश की कमी से जूझ रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में मानसून सीजन के दौरान 74 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है. यानी एक तरफ देश के कई हिस्से अत्यधिक बारिश और बाढ़ के खतरे का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारी वर्षा के लिए पहचाने जाने वाले इलाके में सूखे जैसी स्थिति बन रही है.
दिल्ली पहुंचा मानसून, तापमान में 2 से 5 डिग्री की गिरावट
लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार देर रात दिल्ली में दस्तक दे दी. इसके साथ ही राजधानी के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला. कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश और बदले मौसम से राहत मिली है. मानसून के पहुंचने के बाद तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई.
जून की झुलसाने वाली गर्मी के बाद जुलाई की शुरुआत दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों के लिए राहत लेकर आई है. दिल्ली में 3 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. सुबह के समय भारी बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका जताई गई है.
दिल्ली-यूपी से राजस्थान तक बदला मौसम
मानसून के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है. दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में बारिश और बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. यहां गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है.
जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय है, जबकि कोटा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
मुंबई में आफत बनी बारिश, जनजीवन प्रभावित
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने से शहर के कई हिस्सों में हालात मुश्किल बने हुए हैं. लगातार बारिश के बीच जलभराव और दूसरी घटनाओं से नए हादसे सामने आ रहे हैं. इन घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. मुंबई के साकीनाका इलाके में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ.
एक खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. घटना के बाद कार्रवाई करते हुए बीएमसी यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया. भारी बारिश के बीच खुले मैनहोल से हुई इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है.
ठाणे में पानी में उतरा करंट, मासूम लड़की की मौत
गुरुवार को ही ठाणे के मुंद्रा इलाके में एक और दर्दनाक घटना सामने आई. जलभराव के दौरान खुले तार के कारण पानी में करंट उतर आया. इसकी चपेट में आने से आलिया नाम की एक मासूम लड़की की मौत हो गई. लगातार बारिश और जलभराव के बीच यह घटना सामने आई है.
मुंबई में तूफानी हवाओं और हाई टाइड का खतरा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मुंबई में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई है. इसके साथ ही 3 जुलाई को सुबह 1:31 बजे समुद्र में हाई टाइड आने की चेतावनी दी गई है. वहीं सुबह 7:11 बजे और शाम 7:49 बजे लो टाइड रहने का अनुमान है. भारी बारिश के साथ समुद्री ज्वार की स्थिति के कारण तटीय इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है. मुंबई में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
15 राज्यों में तूफानी मानसून का खतरा
देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने अगले 17 घंटों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है. देश के 15 राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि होने और तेज अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अलग-अलग राज्यों में बारिश की तीव्रता और मौसम की स्थिति को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है.
तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट
तटीय कर्नाटक के लिए मौसम विभाग ने अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. IMD के मुताबिक, 3 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक तटीय कर्नाटक में 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है. इसे देखते हुए इलाके के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है.
पहाड़ी राज्यों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम गंभीर रूप ले सकता है. मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है. हिमाचल प्रदेश के मंडी में घने काले बादलों का डेरा बना हुआ है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ब्यास नदी अभी सामान्य स्तर पर बह रही है. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
वहीं शिमला में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश और घने बादलों की स्थिति बनी हुई है.
ओडिशा पर चक्रवाती परिसंचरण का असर
ओडिशा में भी मौसम की स्थिति गंभीर बनी हुई है. उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तट पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. यह चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और इसके प्रभाव से निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है.
मछुआरों को 5 दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह
भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने मछुआरों को अगले पांच दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सख्त सलाह दी है. समुद्र में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं और लहरें उठने की आशंका जताई गई है. इसी खतरे को देखते हुए मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है.
देश के प्रमुख शहरों में 3 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम?
3 जुलाई 2026 को देश के अलग-अलग शहरों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहने का अनुमान है. कहीं भारी बारिश की चेतावनी है तो कहीं तेज आंधी, गरज-चमक और मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है.
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मौसम का मिजाज / अलर्ट |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 36°C | 30°C | सुबह भारी बारिश, 70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी |
| मुंबई | 28°C | 27°C | भारी से अत्यंत भारी बारिश, हाई टाइड का खतरा |
| लखनऊ | 36°C | 30°C | गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश, तेज सतही हवाएं |
| पटना | 36°C | 30°C | बादलों की आवाजाही, हल्की से मध्यम वर्षा का येलो अलर्ट |
| रांची | 31°C | 24°C | 60 किमी/घंटा की आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट |
| भोपाल | 28°C | 24°C | पश्चिमी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की आशंका |
| जयपुर | 35°C | 28°C | पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय, कोटा में भारी वर्षा |
| मनाली | 16°C | 10°C | पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, घने काले बादल |
| शिमला | 26°C | 21°C | पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, घने काले बादल |
मेघालय में 74 प्रतिशत कम बारिश
एक तरफ देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है, वहीं पूर्वोत्तर के मेघालय से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है. दुनिया में सबसे अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध मेघालय में इस बार मानसून सीजन के दौरान बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है. IMD के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 74 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है. इससे मेघालय में सूखे जैसे हालात बनने की चिंता बढ़ गई है.
750.8 मिमी की जगह केवल 192.9 मिमी बारिश
1 जून से 1 जुलाई के बीच मेघालय में सामान्य तौर पर 750.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. लेकिन इस बार इसी अवधि में केवल 192.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. इस तरह सामान्य बारिश की तुलना में राज्य में बहुत बड़ी कमी दर्ज हुई है. भारी वार्षिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध मेघालय में मानसून सीजन के दौरान 74 प्रतिशत बारिश की कमी और 1 जून से 1 जुलाई के बीच केवल 192.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होना मौजूदा मौसम की असमान तस्वीर को सामने रखता है.
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